हरिद्वार में फूटा जनआक्रोश: दलित युवक केतन लाल की हत्या के विरोध में सामाजिक संगठनों ने फूंका पुतला
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हरिद्वार, 14 जून 2026: टिहरी जनपद के दलित युवक केतन लाल की निर्मम हत्या के विरोध में आज हरिद्वार में विभिन्न सामाजिक संगठनों का गुस्सा फूट पड़ा। बीएचईएल (BHEL) सेक्टर-4 चौराहे पर दर्जनों कार्यकर्ताओं ने इकट्ठा होकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और जातिवादी व सवर्ण मानसिकता का पुतला दहन किया। प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि केतन लाल के हत्यारों को जल्द से जल्द कड़ी से कड़ी सजा दी जाए।
प्रेम करने की मिली खौफनाक सजा
संयुक्त संघर्षशील ट्रेड यूनियन मोर्चा के बैनर तले आयोजित इस प्रदर्शन में भेल मजदूर ट्रेड यूनियन के अध्यक्ष राज किशोर ने कहा कि केतन लाल का कसूर सिर्फ इतना था कि उसने एक सवर्ण लड़की से प्रेम किया था। इस प्रेम के बदले उसे मौत के घाट उतार दिया गया। उन्होंने इसे समाज में फैले ‘सवर्ण मानसिकता के जहर’ का नतीजा बताया और कहा कि इस तरह की संकीर्ण सोच को केवल वैज्ञानिक दृष्टिकोण और प्रगतिशील विचारों के माध्यम से ही दूर किया जा सकता है।
सरकार की नीतियों और फासीवादी सोच पर तीखा हमला
इंकलाबी मजदूर केन्द्र के सचिव पंकज कुमार ने इस घटना के लिए सीधे तौर पर सत्ता पक्ष और उसकी विचारधारा को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने आरोप लगाया:
”भाजपा-संघ की जातीय, सांप्रदायिक और फासीवादी सोच पूरे समाज में वैमनस्य और नफरत का माहौल पैदा कर रही है। हिंदू राष्ट्र का सपना देखने वाले लोग दलितों की तरक्की और उनके अधिकारों को बर्दाश्त नहीं कर पा रहे हैं। यह विचारधारा समाज को आधुनिकता की बजाय मध्ययुगीन सामंती बर्बरता की ओर धकेल रही है।”
अतीत की घटनाओं का दिया हवाला
क्रांतिकारी लोक अधिकार संगठन के संयोजक नासिर अहमद ने उत्तराखंड में पहले हुई ऐसी ही एक दर्दनाक घटना की याद दिलाई। उन्होंने कहा कि ठीक दो साल पहले कुमाऊं के जगदीश की भी सिर्फ इसलिए बेरहमी से हत्या कर दी गई थी क्योंकि उसने एक सवर्ण लड़की से शादी की थी। लड़की के घरवालों ने उसकी हड्डियां तोड़कर उसे जान से मार डाला था।
वहीं प्रगतिशील महिला एकता केन्द्र की प्रीति ने महिलाओं के अधिकारों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि संघ की फासीवादी और सवर्णवादी सोच पूरी तरह से महिलाओं और इंसानियत के खिलाफ है।
प्रदर्शन में ये रहे मुख्य रूप से शामिल
इस विरोध प्रदर्शन और पुतला दहन कार्यक्रम में विभिन्न यूनियनों और छात्र संगठनों के कार्यकर्ताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इनमें मुख्य रूप से:
- किर्बी श्रमिक कमेटी: कृष्णा मुरारी, नरेश, भवन
- फूड्स श्रमिक यूनियन: देवेंद्र
- परिवर्तनकामी छात्र संगठन: तरुण, जय प्रकाश, अवधेश, नीशू
आदि सहित भारी संख्या में लोग उपस्थित रहे और सभी ने एक सुर में पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने का संकल्प दोहराया।
