विवाद सुलझाने के बहाने घर बुलाकर हत्या: भगवानपुर पुलिस का 48 घंटे में बड़ा खुलासा, पिता-पुत्रों समेत 3 आरोपी गिरफ्तार
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हरिद्वार। जनपद हरिद्वार की कोतवाली भगवानपुर क्षेत्र में हुए चर्चित आदित्य उर्फ आदि राणा हत्याकांड की गुत्थी को पुलिस ने महज 48 घंटे के भीतर सुलझाने का दावा किया है। पुलिस ने मामले में नामजद तीनों आरोपियों को इमली रोड टोल प्लाजा के पास से घेराबंदी कर धर दबोचा। पकड़े गए आरोपियों में पिता और उसके दो बेटे शामिल हैं, जिनके पास से हत्या में इस्तेमाल किया गया अवैध तमंचा और कारतूस भी बरामद हुआ है।
समझौते के बहाने बुलाकर मारी गोली
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, मृतक आदित्य और आरोपियों के बीच काफी समय से रंजिश चल रही थी। 1 अक्टूबर को भगवानपुर के प्रताप कॉलोनी निवासी अनिल शर्मा, उसके पुत्र राहुल शर्मा और रोहित शर्मा उर्फ लक्की ने आपसी विवाद को सुलझाने और समझौते के बहाने आदित्य को अपने घर बुलाया। आरोप है कि वहां योजनाबद्ध तरीके से तीनों ने एक राय होकर आदित्य पर देशी तमंचे से ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी, जिससे उसकी मौत हो गई। घटना के बाद मृतक के भाई सागर राणा की तहरीर पर पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।
CCTV और मुखबिर की मदद से मिली सफलता
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) के निर्देश पर मामले के शीघ्र खुलासे के लिए एसपी ग्रामीण और सीओ भगवानपुर के पर्यवेक्षण में चार अलग-अलग पुलिस टीमों का गठन किया गया था। टीमों ने घटनास्थल और आसपास के संभावित मार्गों पर लगे दर्जनों सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सटीक सूचना के आधार पर पुलिस ने शनिवार को इमली रोड टोल प्लाजा के पास घेराबंदी कर तीनों नामजद अभियुक्तों—अनिल शर्मा और उसके दो बेटों राहुल व रोहित शर्मा को हिरासत में ले लिया।
आरोपियों से .315 बोर का तमंचा बरामद
कड़ाई से की गई पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। पुलिस ने उनकी निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किया गया .315 बोर का देशी तमंचा और एक खोखा कारतूस भी बरामद कर लिया है। पुलिस प्रशासन ने आवश्यक वैधानिक कार्यवाही पूरी करते हुए सभी आरोपियों का चालान कर उन्हें अदालत में पेश कर दिया है।
