सावधान! डिजिटल दुनिया में जरा सी लापरवाही पड़ सकती है भारी: साइबर ठगी से बचने के लिए अपनाएं ये 5 मंत्र
1 min readआज के डिजिटल युग में जैसे-जैसे हम इंटरनेट पर निर्भर हो रहे हैं, वैसे-वैसे साइबर अपराधियों का जाल भी गहरा होता जा रहा है। साइबर एक्सपर्ट्स का मानना है कि लालच, डर और सोशल मीडिया पर अत्यधिक भरोसा ही साइबर फ्रॉड के मुख्य कारण हैं। इंटरनेट और सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते समय ‘संदेह’ रखना ही आपकी सबसे बड़ी सुरक्षा है।
साइबर अपराधों से सुरक्षित रहने के लिए विशेषज्ञों ने निम्नलिखित महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं:
1. टू-स्टेप वेरिफिकेशन है सुरक्षा कवच
अपने सभी सोशल मीडिया अकाउंट्स, विशेष रूप से व्हाट्सएप, पर ‘2-Step Verification’ को तुरंत इनेबल करें। यह आपके अकाउंट में सुरक्षा की एक अतिरिक्त परत जोड़ता है, जिससे हैकर्स के लिए इसे एक्सेस करना लगभग नामुमकिन हो जाता है।
2. निजी डेटा और डिवाइस की सुरक्षा
कभी भी अपना ईमेल आईडी किसी अनजान डिवाइस पर लॉगिन करके न छोड़ें। यदि आप अपना पुराना मोबाइल बेच रहे हैं या किसी को दे रहे हैं, तो उसे पूरी तरह फॉर्मेट (Format) करना न भूलें। साथ ही, अपना व्यक्तिगत लैपटॉप किसी भी अनजान व्यक्ति को देने से बचें।
3. ‘मास्क आधार’ का करें प्रयोग
पहचान पत्र के रूप में अपना आधार कार्ड देते समय सावधानी बरतें। हर जगह पूरा आधार नंबर देने के बजाय ‘मास्क आधार’ (Masked Aadhaar) का उपयोग करें। इसमें केवल अंतिम 4 अंक ही दिखाई देते हैं, जो सुरक्षा के लिहाज से बेहतर है। इसे आप UIDAI की आधिकारिक वेबसाइट से डाउनलोड कर सकते हैं।
4. सोशल मीडिया पर गोपनीयता (Privacy) का रखें ध्यान
फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अपनी व्यक्तिगत जानकारी कम से कम साझा करें। अपनी फ्रेंड लिस्ट (Friend List) की सेटिंग्स को ‘ओनली मी’ (Only Me) पर रखें, ताकि कोई अनजान व्यक्ति आपके संपर्कों का गलत इस्तेमाल न कर सके।
5. जागरूक रहें, सुरक्षित रहें
साइबर ठग अक्सर लोगों को इनाम का लालच देकर या पुलिस/बैंक के नाम पर डराकर शिकार बनाते हैं। किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और न ही अपनी निजी जानकारी साझा करें। याद रखें, इंटरनेट की दुनिया में हर चमकती चीज़ सोना नहीं होती।
विशेषज्ञ सलाह: सूचना विभाग उत्तराखंड के उपनिदेशक मनोज श्रीवास्तव बता रहे हैं कि “इंटरनेट का उपयोग करते समय हमेशा सतर्क रहें। आपकी थोड़ी सी जागरूकता आपको बड़े आर्थिक और मानसिक नुकसान से बचा सकती है।”
