उत्तराखंड समाचार: देहरादून हरिद्वार के मुख्य समाचार
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अंकिता भंडारी प्रकरण: मुख्यमंत्री ने दी CBI जांच की मंजूरी
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वर्गीय अंकिता भंडारी के माता-पिता की भावनाओं और उनके अनुरोध का सम्मान करते हुए इस चर्चित प्रकरण की CBI जांच कराने की संस्तुति दे दी है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य शुरू से ही निष्पक्ष और पारदर्शी न्याय सुनिश्चित करना रहा है।
प्रमुख बिंदु:
- सरकार का संकल्प: सीएम धामी ने दोहराया कि राज्य सरकार अंकिता को न्याय दिलाने के लिए पूरी दृढ़ता के साथ संकल्पबद्ध है।
- अब तक की कार्रवाई: घटना के तुरंत बाद महिला IPS के नेतृत्व में SIT का गठन किया गया था। प्रभावी पैरवी के कारण अब तक किसी भी आरोपी को जमानत नहीं मिल सकी है।
- संवेदनशीलता: सरकार ने परिवार की इच्छा को सर्वोपरि रखते हुए यह बड़ा निर्णय लिया है।
भाजपा अध्यक्ष ने किया फैसले का स्वागत, विपक्ष पर साधा निशाना

देहरादून। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने अंकिता हत्याकांड की सीबीआई जांच के निर्णय को जन भावनाओं के अनुरूप बताया है। उन्होंने कहा कि इस निर्णय से विपक्ष द्वारा फैलाए जा रहे झूठ और दुष्प्रचार का पर्दाफाश होगा।
प्रमुख बातें:
- राजनीति बंद करने की अपील: भट्ट ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उनके लिए यह मामला केवल एक राजनीतिक मुद्दा है, जबकि सरकार ने हमेशा निष्पक्ष जांच की है।
- नर्सिंग कॉलेज का नामकरण: उन्होंने स्पष्ट किया कि श्रीकोट राजकीय नर्सिंग कॉलेज का नाम अंकिता के नाम पर रखने का शासनादेश (Government Order) जारी हो चुका है और इस पर राजनीति करना गलत है।
- सामाजिक सौहार्द: उन्होंने न्याय के नाम पर समाज को बांटने और माहौल खराब करने की कोशिशों की कड़ी आलोचना की।
BHEL सहकारी गृह निर्माण समिति चुनाव: आपत्तियां न सुनने पर जांच शुरू

हरिद्वार। बी.एच.ई.एल. (BHEL) सहकारी गृह निर्माण समिति, शिवालिकनगर के चुनावों को लेकर विवाद गहरा गया है। समिति द्वारा मतदाता सूची पर आपत्तियां न सुनने की शिकायत के बाद निबंधक सहकारिता ने जांच के आदेश दिए हैं।
जांच की मुख्य बातें:
- अधिकारियों की अनुपस्थिति: संयुक्त निबंधक एम.पी. त्रिपाठी ने रोशनाबाद कार्यालय पहुंचकर जांच शुरू की, लेकिन समिति के सचिव आफताब खान और सब-रजिस्ट्रार मोनिका चुनेरा अनुपस्थित रहे।
- सदस्यों के आरोप: लगभग 150 सदस्यों ने बयान दर्ज कराए कि समिति ने पात्र सदस्यों को छोड़कर अधूरी सूची प्रकाशित की थी। शिकायत है कि आपत्ति दर्ज कराने के समय कार्यालय में ताला लगा दिया गया था।
- अगली कार्रवाई: जांच अधिकारी ने बताया कि अभी जांच जारी है। अगली तारीख पर समिति के सचिव को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना अनिवार्य होगा, जिसके बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
