उत्तराखंड देहरादून में आज के ताजा समाचारों का विवरण
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सांसद नरेश बंसल ने देहरादून मे सांसद चौंपियनशिप ट्रॉफी का किया शुभारंभ
देहरादून। बुधवार को ग्राउंड के बहुउद्देश्य हॉल में सांसद चौंपियनशिप ट्रॉफी का जोशीला आगाज हुआ।इस प्रतियोगिता में जिले की विभिन्न विधानसभा के खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। ट्रॉफी का अनावरण,खेलो का ध्वजारोहण और मशाल को प्रज्ज्वलित करके प्रतियोगिता का शुभारंभ राज्यसभा सांसद डा.नरेश बंसल ने किया।उन्होंने खिलाड़ियों से हाथ मिलाकर परिचय प्राप्त किया और उन्हें जीत की बधाई दी।प्रतियोगिता में विभिन्न खेलों में शामिल होने के लिए करीब 350 खिलाड़ी आए हैं।डा.नरेश बंसल ने बताया कि देहरादून में 23दिसंबर से खेल महाकुंभ प्रतियोगिता शुरू हो गई थी।सर्वप्रथम न्याय पंचायत स्तर पर प्रतियोगिताएं आयोजित हुई,जिसमें जीतने वाले खिलाड़ी विधानसभा स्तर पर मुकाबला करने पहुंचे। विधानसभा में शानदार प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी सांसद चौंपियनशिप ट्राफी के लिए चयनित हुए। प्रतियोगिता में शामिल होने के लिए राजपुर रोड,रायपुर,सहसपुर,देहरादून कैंट,मसूरी, डोईवाला ,धर्मपुर,विकासनगर, चकराता और ऋषिकेश विधानसभा से खिलाड़ी आए हैं।डा.नरेश बंसल ने कहा कि सांसद चौंपियनशिप ट्रॉफी में विभिन्न खेल स्पर्धाएं रखी गई हैं,जिनमें आधुनिक खेलों के साथ परंपरागत खेलों को भी शामिल किया गया है।अंडर-14 एवं अंडर-19 बालक- बालिका फुटबॉल और बैडमिंटन प्रतियोगिता होंगी।एथलेटिक्स में अंडर-14 एवं अंडर- 19 बालक-बालिका शामिल होंगी।अंडर-14 बालक-बालिका की कबड्डी,वॉलीबाल,पिट्टू,खोखो, रस्साकसी,गोली-कंचा,मुर्गा झपट प्रतियोगिता होगी।जबकि अंडर-19बालक- बालिका में कबड्डी,वॉलीबाल,पिट्टू,खोखो, रस्साकसी ,गोली-कंचा और मुर्गा झपट शामिल है।डा.नरेश बंसल ने कहा कि सांसद ट्रॉफी जीतने वाली टीम को नगद पुरस्कार राशि मिलेगी।डा.नरेश बंसल ने कहा कि भाजपा सरकार ने खिलाड़ियों के हित के लिए नीतिगत फैसले किए जिनके बाद देश व राज्य में खेलों को लेकर माहौल बदला और एक खेल संस्कृति विकसित होनी शुरू हुई।उन्होंने कहा कि इस चौंपियनशिप के बाद प्रदेश स्तर के विजेता सरकारी नौकरियों में चार प्रतिशत आरक्षण के हकदार होंगे।डा.नरेश बंसल ने कहा कि युवा खेलों को टाइम पास के रूप में नहीं बल्कि करियर के रूप में अपनाएं।अगर वें 100ः अनुशासन और समर्पण खेल को देंगे तो उन्हें चौंपियन बनने से कोई रोक नहीं सकता।इस अवसर पर युवा कल्याण अधिकारी प्रमोद पाण्डे,जिला क्रीड़ा अधिकारी रविन्द्र भण्डारी, आदि संबंधित अधिकारीण,कोच व खिलाड़ी उपस्थित रहे।

आसामािजक तत्वों से मिलकर घर को बना रखा था नशे का अड्डा,
देहरादून। जनपद देहरादून में कानून-व्यवस्था एवं नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी सविन बंसल ने कड़ा प्रशासनिक कदम उठाते हुए आदतन अपराधी को जिला बदर कर दिया गया है। मौहल्लेवासियों के लिए भय और हिंसा का पर्याय बने आदतन अपराधी दिव्यकांत लखेड़ा को गुण्डा नियंत्रण अधिनियम के अंतर्गत जिला बदर किया गया है। प्रकरण में प्राप्त तथ्यों एवं जनसुनवाई के दौरान मौहल्लेवासियों की शिकायतों के आधार पर यह सामने आया कि विपक्षी दिव्यकांत लखेड़ा पुत्र स्व.राम बिहारी लखेड़ा,निवासी लेन ऋषि विहार,माजरी माफी,देहरादून द्वारा अपनी वृद्ध माता के साथ मारपीट की जाती थी,जिससे भयभीत होकर माता को घर छोड़ना पड़ा। इसके अतिरिक्त,वह मौहल्ले की महिलाओं पर अभद्र टिप्पणियाँ करता था तथा असामाजिक तत्वों के साथ मिलकर अपने घर को नशे के अड्डे के रूप में संचालित कर रहा था। इन गतिविधियों से क्षेत्र में लगातार अशांति एवं भय का माहौल बना हुआ था। उक्त परिस्थितियों को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने विपक्षी के विरुद्ध जारी नोटिस 14.10.2025 की पुष्टि की गई तथा गुण्डा नियंत्रण अधिनियम की धारा 3(3) के अंतर्गत जनहित में उसे “गुण्डा” घोषित करते हुए आदेश की तिथि से 06 माह की अवधि के लिए जनपद देहरादून की सीमा से बाहर रहने का आदेश पारित किया गया है।आदेशानुसार, इस अवधि में यदि विपक्षी किसी कारणवश जनपद में प्रवेश करेगा,तो उसे पूर्व में इस जिला मजिस्टेªट न्यायालय को सूचना देकर स्वीकृति प्राप्त करनी होगी। साथ ही,जनपद की सीमा से बाहर रहते हुए अपने निवास स्थान का पूर्ण पता इस न्यायालय एवं थानाध्यक्ष,थाना नेहरू कॉलोनी,देहरादून को उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। आदेश के उल्लंघन की स्थिति में विपक्षी को न्यूनतम 06 माह से लेकर अधिकतम 03वर्ष तक के कठिन कारावास एवं जुर्माने से दंडित किया जा सकेगा।थानाध्यक्ष,थाना नेहरू कॉलोनी को निर्देशित किया गया है कि आदेश की प्रति विपक्षी को तामील कराते हुए 24 घंटे के भीतर जनपद से बाहर जाने के निर्देश दें तथा अनुपालन आख्या जिला मजिस्टेªट न्यायालय को प्रेषित करेंगें। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनपद में असामाजिक तत्वों के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है और नागरिकों की सुरक्षा से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
