हरिद्वार: आज जनपद हरिद्वार की प्रमुख ख़बरें, यहां जानिए
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भारतीय संस्कृति के वैश्विक विस्तार हेतु देसविवि और विएमयू में समझौता
देव संस्कृति विश्वविद्यालय (देसविवि) और लिथुआनिया की विटॉटस मैगनस यूनिवर्सिटी (विएमयू) के बीच शैक्षणिक और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के लिए सहमति बनी है। देसविवि के प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पंड्या ने विएमयू के वाइस चांसलर प्रोफेसर रयटिस पाकोस्निस और विभिन्न डीन के साथ बैठक कर योग, भारतीय जीवन-दर्शन और शोध परियोजनाओं पर चर्चा की। इसका उद्देश्य भारतीय संस्कृति को अंतरराष्ट्रीय मंच पर मजबूती से स्थापित करना है।
योग और संगीत चिकित्सा से सर्वाइकल दर्द के निवारण पर शोध

देव संस्कृति विश्वविद्यालय के योग विज्ञान विभाग ने दुबई की ‘लिमिटलेस ब्रेन लैब’ और ‘हार्वर्ड मेडिकल स्कूल’ के सहयोग से सर्वाइकल दर्द पर एक विशेष शोध शुरू किया है। इसका उद्घाटन शांतिकुंज महिला मंडल की प्रमुख शेफाली पंड्या ने किया। इस परियोजना का लक्ष्य योग और संगीत के माध्यम से बिना दवा के दर्द निवारण और नींद की गुणवत्ता में सुधार करना है। कार्यक्रम में अस्पताल प्रभारी डॉ. मंजू चोपदार सहित कई विशेषज्ञ मौजूद रहे।
औद्योगिक संस्थानों को बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता और एरियर देने के निर्देश

उत्तराखंड के श्रमायुक्त प्रकाश चन्द्र दुमका ने हरिद्वार के औद्योगिक संगठनों और श्रमिक यूनियनों के साथ बैठक की। उन्होंने निर्देश दिया कि गैर-इंजीनियरिंग उद्योगों में अप्रैल 2026 से बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता और एरियर का भुगतान सुनिश्चित किया जाए। बैठक में एडीएम फींचा राम चौहान, उप श्रमायुक्त विपिन कुमार, संजय रावत, ललित पुरोहित, और इंडस्ट्रियल एसोसिएशन से हरेन्द्र गर्ग व शिवम गोयल सहित कई पदाधिकारी उपस्थित थे।
राजस्व लक्ष्य प्राप्ति के लिए डीएम ने दिए सख्त निर्देश

हरिद्वार के जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने जिलास्तरीय राजस्व संवर्धन समिति की बैठक में विभिन्न विभागों को शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के निर्देश दिए। उन्होंने आबकारी विभाग को अवैध शराब, परिवहन विभाग को सड़क सुरक्षा और खनन विभाग को अवैध खनन के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने को कहा। बैठक में एडीएम वित्त वैभव गुप्ता, दीपक सैनी, निखिल शर्मा, जितेन्द्र चन्द और जिला आबकारी अधिकारी कैलाश बिंजोला उपस्थित रहे।
चारधाम यात्रा को लेकर भ्रामक वीडियो प्रसारित करने पर सोनप्रयाग थाने में मुकदमा दर्ज
देहरादून, 24 अप्रैल। चारधाम यात्रा 2026 को लेकर सोशल मीडिया पर भ्रामक एवं तथ्यहीन वीडियो प्रसारित करने वालों के खिलाफ उत्तराखंड सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। केदारनाथ धाम की यात्रा व्यवस्था एवं दर्शन को लेकर सोशल मीडिया पर प्रसारित एक भ्रामक वीडियो का संज्ञान लेते हुए थाना सोनप्रयाग में संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया है।
प्रारंभिक जांच में पाया गया कि वायरल वीडियो में किए गए दावे पूरी तरह निराधार एवं भ्रामक हैं। उक्त वीडियो का उद्देश्य श्रद्धालुओं में भ्रम की स्थिति उत्पन्न करना तथा चारधाम यात्रा की व्यवस्थाओं के संबंध में गलत संदेश फैलाना था। राज्य सरकार ने इस प्रकार की अफवाहों पर शून्य सहिष्णुता की नीति अपनाई है।
पुलिस प्रशासन द्वारा मामले की गहन जांच की जा रही है। साथ ही, सोशल मीडिया पर प्रसारित अन्य संदिग्ध वीडियो एवं पोस्टों की भी निगरानी की जा रही है। दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
राज्य सरकार ने श्रद्धालुओं एवं आमजन से अपील की है कि वे चारधाम यात्रा से संबंधित किसी भी सूचना के लिए केवल अधिकृत एवं आधिकारिक स्रोतों पर ही विश्वास करें। किसी भी अपुष्ट या भ्रामक संदेश को साझा करने से बचें।
उत्तराखंड शासन ने स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया के माध्यम से अफवाह फैलाने, भ्रामक सामग्री प्रसारित करने अथवा जनभावनाओं को भड़काने का प्रयास करने वालों के विरुद्ध कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
