तीर्थ नगरी हरिद्वार में पुरुषोत्तम मास का भव्य शुभारंभ: श्री यंत्र मंदिर में श्रीमद् भागवत कथा और कलश यात्रा के साथ गूंजा जयकारा
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हरिद्वार।
पवित्र पुरुषोत्तम मास (मलमास) के शुभारंभ के साथ ही तीर्थ नगरी हरिद्वार और कनखल में एक महीने तक चलने वाले धार्मिक अनुष्ठानों, गंगा स्नान और कथाओं का दौर शुरू हो गया है। हरिद्वार के विभिन्न आश्रमों, मंदिरों और मठों में कथा व्यास पीठ से श्रीमद् भागवत का गुणगान गूंजने लगा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस पावन महीने में हरिद्वार में गंगा स्नान और कथा श्रवण करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है और मिलने वाला पुण्य फल कई गुना बढ़ जाता है।
108 कलशों के साथ निकाली गई भव्य कलश यात्रा
इसी कड़ी में कनखल स्थित श्री यंत्र मंदिर में श्रीमद् भागवत कथा का भव्य शुभारंभ हुआ। कथा की शुरुआत से पहले एक भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें कुमाऊँनी पारंपरिक वेशभूषा में सजी 108 महिलाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। यह यात्रा श्री यंत्र मंदिर से शुरू होकर पवित्र गंगा घाट पहुंची, जहाँ से जल भरकर महिलाएं वापस कथा स्थल आईं। इसके बाद विधि-विधान से 108 कलशों की स्थापना की गई और गणेश पूजन, नवग्रह पूजन व पितरों का पूजन संपन्न हुआ।
सभी मासों में सर्वश्रेष्ठ है पुरुषोत्तम मास: महामंडलेश्वर ललितानंद गिरी

पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी के महामंडलेश्वर एवं भारत माता मंदिर के महंत ललितानंद गिरी महाराज ने इस अवसर पर कहा:
”पुरुषोत्तम मास भगवान विष्णु को समर्पित है और यह सभी महीनों में सर्वश्रेष्ठ माना जाता है। इस दौरान परिवार सहित पूजा-पाठ, दान-पुण्य, गंगा स्नान और श्रीमद् भागवत कथा श्रवण का विशेष महत्व है, जिससे मनुष्य को अनंत गुना पुण्य फल की प्राप्ति होती है।”
भगवान विष्णु ने मलमास को दिया अपना नाम: आचार्य नीरज जोशी
कथा व्यास पीठ पर विराजमान सुप्रसिद्ध युवा कथाकार आचार्य पंडित नीरज जोशी ने कथा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि हिंदू पंचांग के अनुसार जब अतिरिक्त मास आता है, तो उसे मलमास कहा जाता था। परंतु भगवान विष्णु ने इसे अपना नाम देकर ‘पुरुषोत्तम मास’ का दर्जा दिया, जिससे यह अत्यंत पुण्यदायी बन गया।
हिरण्यकश्यप वध का प्रसंग सुनाते हुए आचार्य ने कहा:
”हिरण्यकश्यप को ब्रह्मा जी से वरदान प्राप्त था कि उसकी मृत्यु किसी भी (बारह) महीने में नहीं होगी। तब भगवान विष्णु ने भक्त प्रह्लाद की रक्षा के लिए इस अतिरिक्त महीने (पुरुषोत्तम मास) में संध्या के समय नरसिंह अवतार लेकर उसका वध किया था।”
उन्होंने श्रद्धालुओं से इस महीने में भगवान विष्णु की आराधना, गीता पाठ, भजन-कीर्तन और गंगा स्नान कर जीवन में धार्मिक संस्कारों को अपनाने की अपील की।
23 मई तक चलेगी कथा, 24 को भंडारा
श्री यंत्र मंदिर में आयोजित यह श्रीमद् भागवत कथा 23 मई तक चलेगी, जिसके अगले दिन यानी 24 मई को विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा।
इस भव्य धार्मिक अनुष्ठान के मुख्य यजमान हेमचंद्र जोशी, प्रकाश चंद जोशी, रमेश चंद जोशी एवं समस्त जोशी परिवार हैं। कार्यक्रम को सफल बनाने में उमा जोशी, मालती जोशी, गुंजन जोशी, हर्षित जोशी, भावेश पंत, कमल पंत, पीयूष तिवारी, विशाल शर्मा और योगेश पांडे सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का विशेष सहयोग रहा। मुख्य यजमान प्रकाश जोशी ने बताया कि श्रद्धालुओं की भारी भागीदारी से पूरा क्षेत्र भक्तिमय माहौल में सराबोर हो गया है।
