August 4, 2026

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नैनीताल और देहरादून में मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान तेज़; 12 सितंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत और समाधान दिवस में जनसुनवाई

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एसआईआर-2026: राजनीतिक दलों के साथ एडीएम ने की बैठक, 15 सितंबर को होगा निर्वाचक नामावली का अंतिम प्रकाशन

हल्द्वानी। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर-2026) कार्यक्रम के तहत सोमवार को अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी विवेक राय की अध्यक्षता में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में 1 जुलाई 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर नोटिस वितरण, दावे एवं आपत्तियों के निस्तारण की पूरी प्रक्रिया की जानकारी साझा की गई।

​उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार मतदाता सूची को पूरी तरह शुद्ध और त्रुटिरहित बनाने का कार्य चल रहा है।

  • प्रमुख तिथियां: दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की समयसीमा 14 जुलाई से 13 अगस्त तक है। नोटिसों पर सुनवाई और निस्तारण 14 जुलाई से 11 सितंबर तक चलेगा, जिसके बाद 15 सितंबर 2026 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया जाएगा।
  • जनपद के आंकड़े: नैनीताल जिले में कुल 6,93,325 मतदाता पंजीकृत हैं। जारी किए गए 2,35,085 नोटिसों के सापेक्ष 1,51,084 नोटिस बांटे जा चुके हैं। आयोग की तकनीक द्वारा चिन्हित विसंगतियों के आधार पर अधिकारियों द्वारा जांच व सुनवाई की जा रही है।

​एडीएम ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से अपील की कि छूट गए पात्र व्यक्तियों का नाम जुड़वाने या त्रुटि सुधार के लिए फॉर्म-6, फॉर्म-7 और फॉर्म-8 के माध्यम से समय पर आवेदन जमा करवाएं।

​बैठक में सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी हंसा दत्त पांडे, नगर मजिस्ट्रेट ए.पी. बाजपेई, एसडीएम सुधीर कुमार, तहसीलदार कुलदीप पांडे सहित बसपा के संजू व हरीश सोनौलिया, कांग्रेस के मनोज शर्मा, राम सिंह व अनिल अग्रवाल, तथा भाजपा के आनंद सिंह, बहादुर सिंह व मनीष पाल आदि उपस्थित रहे।

मतदाता सूची सत्यापन के लिए चुनाव आयोग ने तय किए 11 दस्तावेज, नोटिस मिलने पर घबराएं नहीं: जिला निर्वाचन अधिकारी

हल्द्वानी। जनपद में मतदाता सूची को पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने के लिए चलाए जा रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के तहत जिला निर्वाचन कार्यालय ने स्थिति स्पष्ट की है। अधिकारियों ने बताया कि नाम, उपनाम, आयु, पता या वर्तनी में विसंगति पाए जाने पर नोटिस जारी किए जा रहे हैं, लेकिन केवल नोटिस मिलने का मतलब मतदाता सूची से नाम कटना नहीं है। प्रत्येक मतदाता को पक्ष रखने का पूरा अवसर दिया जाएगा।

सत्यापन के लिए मान्य 11 दस्तावेज:

भारत निर्वाचन आयोग ने सत्यापन प्रक्रिया हेतु निम्नलिखित 11 दस्तावेजों में से कोई भी एक प्रस्तुत करने की छूट दी है:

  1. ​केंद्र/राज्य सरकार/पीएसयू कर्मचारी पहचान पत्र या पेंशन भुगतान आदेश।
  2. ​01.07.1987 से पूर्व सरकार/बैंक/डाकघर/एलआईसी आदि द्वारा जारी पहचान पत्र।
  3. ​जन्म प्रमाण पत्र।
  4. ​सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी पासपोर्ट।
  5. ​मान्यता प्राप्त बोर्ड/विश्वविद्यालय का शैक्षिक प्रमाणपत्र (मैट्रिकुलेशन आदि)।
  6. ​स्थायी निवास प्रमाण पत्र।
  7. ​वन अधिकार प्रमाण पत्र।
  8. ​सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी जाति प्रमाण पत्र (OBC/SC/ST)।
  9. ​राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (जहाँ लागू हो)।
  10. ​परिवार रजिस्टर।
  11. ​सरकार द्वारा जारी भूमि/मकान आवंटन पत्र।

आवश्यक फॉर्म: नाम जोड़ने के लिए फॉर्म-6, हटाने के लिए फॉर्म-7 तथा किसी भी संशोधन या स्थानांतरण के लिए फॉर्म-8 भरा जा सकता है।

जिला निर्वाचन अधिकारी ललित मोहन रयाल एवं अपर जिलाधिकारी विवेक राय ने आम जनता से अपील की है कि नोटिस प्राप्त होने पर घबराएं नहीं और आवश्यक अभिलेखों के साथ उपस्थित होकर एक शुद्ध व विश्वसनीय मतदाता सूची बनाने में सहयोग करें। देहरादून में 12 सितंबर को लगेगी राष्ट्रीय लोक अदालत, 11 सितंबर तक करें आवेदन

देहरादून। उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (नैनीताल) के निर्देशानुसार जनपद देहरादून में आगामी 12 सितंबर (शनिवार) को ‘राष्ट्रीय लोक अदालत’ का आयोजन किया जाएगा।

​जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून की सचिव सीमा डुंगराकोटी ने बताया कि लोक अदालत में आपसी सहमति से मुकदमों का त्वरित, नि:शुल्क और सौहार्दपूर्ण निस्तारण किया जाता है।

  • किन मामलों का होगा निस्तारण: फौजदारी के समझौता योग्य वाद, धारा 138 एनआई एक्ट (चेक बाउंस), मोटर दुर्घटना प्रतिकर (MACC), बैंक ऋण व वसूली, वैवाहिक विवाद, श्रम एवं दीवानी वाद, तथा बिजली व पानी से जुड़े विवाद।
  • आवेदन की अंतिम तिथि: इच्छुक वादकारी 11 सितंबर 2026 तक संबंधित न्यायालय में स्वयं या अपने अधिवक्ता के माध्यम से प्रार्थना पत्र दे सकते हैं।

​सचिव सीमा डुंगराकोटी ने कहा कि लोक अदालत का निर्णय दोनों पक्षों के लिए अंतिम एवं बाध्यकारी होता है। इससे समय और धन की बचत होती है तथा पात्र मामलों में कोर्ट फीस भी वापस हो जाती है। उन्होंने नागरिकों से इस अवसर का लाभ उठाने की अपील की।

समाधान दिवस में डीएम डॉ. आशीष चौहान ने सुनीं 109 शिकायतें, बस सेवा न होने पर ACEO को किया तलब

देहरादून। कलेक्ट्रेट सभागार में सोमवार को जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान की अध्यक्षता में ‘समाधान दिवस’ का आयोजन किया गया। जनसुनवाई के दौरान कुल 109 फरियादियों ने अपनी समस्याएं रखीं, जिनमें से अधिकतर का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया।

प्रमुख मामले और डीएम के कड़े निर्देश:

  • डोईवाला-थानों मार्ग पर बस सेवा का अभाव: देहरादून-डोईवाला-भानियावाला-जौली-थानो मार्ग पर सरकारी या स्मार्ट सिटी बसें न चलने से परेशान जनता की समस्या पर डीएम ने कड़ा संज्ञान लेते हुए अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी (ACEO) को तुरंत वार्ता के लिए तलब किया।
  • वृद्ध महिला का मानसिक उत्पीड़न: कोविड और त्रासदियों में दोनों बेटों को खो चुकीं 75 वर्षीय विधवा माया देवी ने नातिन द्वारा घर से बेदखल करने और प्रताड़ित करने की शिकायत की। डीएम ने प्रभारी महिला सेल को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
  • भूमि विवाद व पारिवारिक कलह: एक अन्य मामले में संपत्ति विवाद पर एसडीएम सदर व सीओ रायपुर को तथा कांवली रोड निवासी बुजुर्ग से मारपीट के मामले में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को निर्देश दिए गए।
  • मुआवजा व पुनर्वास: कालसी के लखवाड़ बांध प्रभावित किसानों के पुनर्स्थापन अनुदान व प्रेमनगर-डोईवाला सड़क चौड़ीकरण के मुआवजा लंबित रहने पर संबंधित अधिकारियों से तुरंत आख्या मांगी गई।

​जिलाधिकारी ने अधिकारियों को सभी शिकायतों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण समाधान करने की सख्त हिदायत दी। बैठक में एडीएम के.के. मिश्रा, एडीएम स्मृता परमार, एसडीएम विनोद कुमार सहित जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।

देहरादून में 5.47 लाख मतदाताओं को नोटिस जारी, SIR अभियान में तेजी लाएं अधिकारी: अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी

देहरादून। अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी विजय कुमार जोगदंडे ने कलेक्ट्रेट सभागार में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने राजनीतिक दलों से अपील की कि वे बूथ स्तर पर मतदाताओं को जागरूक करने में सक्रिय भूमिका निभाएं।

देहरादून जिले की वर्तमान स्थिति:

  • ​जिले की 10 विधानसभा सीटों में कुल 20.45 लाख पर पुनरीक्षण कार्य चल रहा है।
  • ​कुल पंजीकृत प्रारूप मतदाता: 11,90,805
  • ​विसंगति वाले मामले: 3,95,772 | मैपिंग शेष मामले: 1,52,170
  • ​कुल जारी होने वाले नोटिस: 5,47,942 (जिनमें से 3,91,810 नोटिस बांटे जा चुके हैं)।

​अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सहसपुर, डोईवाला, विकासनगर और मसूरी क्षेत्रों में अभियान में और गति लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि 3 अगस्त से सभी मतदान केंद्रों पर सुनवाई शुरू हो चुकी है। बीएलओ और अधिकारी फील्ड विजिट कर समस्याओं का मौके पर समाधान करें।

​जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने बताया कि सभी ईआरओ के नंबर राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ साझा कर दिए गए हैं। निष्पक्षता के लिए राजनीतिक दलों से अधिक से अधिक बूथ लेवल एजेंट (BLA-1 और BLA-2) नियुक्त करने की अपील की गई। समीक्षा बैठक में सीडीओ अभिनव शाह, एडीएम स्मृता परमार सहित भाजपा, कांग्रेस, बसपा, आप और सीपीआईएम के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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