उत्तराखंड में नकली और अमानकीकृत डेयरी उत्पादों पर लगा प्रतिबंध, धामी सरकार का बड़ा फैसला
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उत्तराखंड सरकार ने आम जनता के स्वास्थ्य की रक्षा और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राज्यभर में अमानकीकृत डेयरी एनालॉग और गैर-दुग्ध उत्पादों पर तत्काल प्रभाव से पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। स्वास्थ्य सचिव एवं खाद्य संरक्षा आयुक्त विनय शंकर पांडेय द्वारा जारी इस आदेश के तहत पनीर, घी, मक्खन या अन्य डेयरी उत्पादों के नाम पर बेचे जाने वाले ऐसे सभी मिलावटी और भ्रामक पदार्थों के निर्माण, भंडारण, परिवहन, वितरण और बिक्री को पूरी तरह से रोक दिया गया है, जिनमें दूध की जगह वनस्पति तेल या अन्य गैर-दुग्ध सामग्रियों का इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि, एफएसएसएआई (FSSAI) के मानकों पर सही उतरने वाले फ्रोजन डेजर्ट, प्रोसेस्ड चीज और मिक्स्ड फैट स्प्रेड जैसे उत्पादों को इस दायरे से बाहर रखा गया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों पर जारी इस फैसले के बाद अब खाद्य सुरक्षा विभाग पूरे प्रदेश में सघन जांच अभियान चलाने की तैयारी में है। इसके तहत राज्य भर की डेयरी इकाइयों, गोदामों, होटल, रेस्टोरेंट, मिठाई दुकानों तथा थोक एवं खुदरा बाजारों में औचक निरीक्षण कर संदिग्ध उत्पादों के सैंपल प्रयोगशाला भेजे जाएंगे। नियमों का उल्लंघन करने वाले कारोबारियों पर मुकदमा दर्ज करने, सामग्री जब्त करने और लाइसेंस रद्द करने जैसी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने उपभोक्ताओं से भी सतर्क रहने, खरीदारी के दौरान उत्पाद की लेबलिंग और सामग्री की जांच करने तथा किसी भी तरह की गड़बड़ी की सूचना तुरंत प्रशासन को देने की अपील की है।
