हरिद्वार में सनातन एकजुटता का संकल्प, दून में गूंजा ‘हर घर तिरंगा’ का संदेश और स्वयं सहायता समूह की महिलाओं का आर्थिक सशक्तीकरण
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श्री अखंड परशुराम अखाड़े ने लिया सनातन समाज को एकजुट करने का संकल्प
हरिद्वार। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद एवं मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज के संयोजन में आयोजित कांवड़ सेवा शिविर में श्री अखंड परशुराम अखाड़े ने सनातन समाज को एकजुट करने तथा सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध संघर्ष का संकल्प लिया।
श्रीमहंत रविंद्रपुरी ने अखाड़े के सदस्यों को आशीर्वाद देते हुए कहा कि युवा पीढ़ी को अपनी संस्कृति और सनातन परंपराओं से जोड़ना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि अखाड़ा बच्चों और युवाओं को निःशुल्क शस्त्र व शास्त्र शिक्षा देकर उनमें संस्कार, अनुशासन और आत्मविश्वास जगाने का कार्य कर रहा है। अखाड़े के अध्यक्ष पंडित अधीर कौशिक तथा कथा व्यास पंडित पवन कृष्ण शास्त्री ने कहा कि अखाड़ा धर्म, समाज व राष्ट्रहित में निरंतर कार्य करेगा। इस अवसर पर अखाड़े के अनेक पदाधिकारी व सदस्य उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री धामी ने ‘हर घर तिरंगा यात्रा’ में लिया हिस्सा

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गांधी पार्क, देहरादून में ‘हर घर तिरंगा यात्रा’ में शामिल होकर प्रदेशवासियों से स्वतंत्रता दिवस पर अपने-अपने घरों में तिरंगा फहराने का आह्वान किया। उन्होंने गांधी पार्क से घंटाघर तक पैदल यात्रा की तथा स्व. इंद्रमणि बडोनी एवं डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमाओं पर पुष्पांजलि अर्पित की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि तिरंगा राष्ट्रीय गौरव व स्वाभिमान का प्रतीक है। उन्होंने सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए बताया कि राज्य की जीएसडीपी में 7.23% और प्रतिव्यक्ति आय में 41% की वृद्धि हुई है। साथ ही कड़ा धर्मांतरण कानून, सख्त नकल विरोधी कानून और समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने के साथ पिछले पांच वर्षों में 34 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां दी गई हैं। कार्यक्रम में अनेक सांसद, मंत्री व विधायक उपस्थित रहे।
सहसपुर की महिलाओं के हाथ का बना तिरंगा हर घर में लहराएगा

देहरादून। प्रधानमंत्री के ‘वोकल फॉर लोकल’ और मुख्यमंत्री के विजन को साकार करते हुए सहसपुर (शंकरपुर) स्थित सिलाई यूनिट में स्वयं सहायता समूह की महिलाएं सूती कपड़े का हैंडमेड तिरंगा तैयार कर रही हैं। ‘रीप’ (REAP) और ‘एनआरएलएम’ (NRLM) के सहयोग से 15-20 महिलाओं की टीम अब तक 5,000 से अधिक तिरंगे बना चुकी है।
आस्था क्लस्टर लेवल फेडरेशन द्वारा निर्मित इन ध्वजों की मांग सरकारी विभागों, स्कूलों और स्थानीय बाजारों में काफी अधिक है। मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह और जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने बताया कि इस पहल से ग्रामीण महिलाओं को रोजगार, आत्मसम्मान और आर्थिक मजबूती मिली है। इससे पूर्व 26 जनवरी पर तिरंगा बिक्री से महिलाओं ने करीब ₹1 लाख की बचत अर्जित की थी।
