August 15, 2026

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विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस: ‘1947 का विभाजन केवल सीमाओं का नहीं, करोड़ों की साझी विरासत का विस्थापन था’ — सीएम धामी

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हरिद्वार। उत्तरांचल पंजाबी महासभा की ओर से प्रेम नगर आश्रम में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें 1947 के विभाजन की त्रासदी में अपने प्राण गंवाने वाले लाखों भारतीयों को याद कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का पगड़ी पहनाकर और त्रिशूल भेंट कर स्वागत किया गया।

​समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि वर्ष 1947 का विभाजन केवल सीमाओं का बंटवारा नहीं था, बल्कि यह करोड़ों लोगों की साझी विरासत, संस्कृति और भावनाओं का विस्थापन था। लाखों परिवारों को रातों-रात अपना घर-बार छोड़कर विस्थापन का दंश झेलना पड़ा था। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 14 अगस्त को ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ के रूप में मनाने का निर्णय ऐतिहासिक है, जिससे नई पीढ़ी को देश की एकता, अखंडता और बलिदान के इतिहास के प्रति जागरूक किया जा सके।

​मुख्यमंत्री ने कहा कि आज देश अपनी गौरवशाली सांस्कृतिक जड़ों से पुनः जुड़ रहा है। अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण, केदारनाथ-बद्रीनाथ धाम के पुनर्निर्माण, महाकाल लोक और करतारपुर कॉरिडोर जैसे कार्यों से भारत अपनी विरासत को भव्यता के साथ स्थापित कर रहा है। उन्होंने अनुच्छेद 370 के बदलाव, तीन तलाक पर रोक, नागरिकता संशोधन कानून और 1984 के सिख दंगा पीड़ितों को न्याय दिलाने जैसे ऐतिहासिक निर्णयों का भी जिक्र किया। साथ ही, देवभूमि उत्तराखंड में आधारभूत ढांचे को मजबूत करने और आगामी कुंभ मेले को भव्य व सुरक्षित बनाने के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।

​कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने परिसर में आयोजित रक्तदान शिविर का अवलोकन कर रक्तदाताओं को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए तथा विभाजन विभीषिका प्रदर्शनी को देखा। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न जनपदों से आए उत्तरांचल पंजाबी महासभा के वरिष्ठ बुजुर्गों को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित भी किया।

​विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद हरिद्वार सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने विभाजन की ऐतिहासिक परिस्थितियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि 14 अगस्त 1947 की मध्यरात्रि तक भारत अखंड था। उन्होंने सीमा निर्धारण की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि भारत-पाकिस्तान की सीमा तय करने का काम अंग्रेज अधिकारी सर सिरिल रेडक्लिफ को दिया गया, जिन्हें भारत की सामाजिक और सांस्कृतिक स्थिति का कोई ज्ञान नहीं था।

​कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक और विधायक प्रदीप बत्रा ने भी अपने विचार रखे। इस दौरान मेयर किरण जैसल, शिवालिक नगर पालिका अध्यक्ष राजीव शर्मा, विधायक आदेश चौहान, सविता कपूर, उत्तरांचल पंजाबी महासभा के प्रदेश अध्यक्ष करण मल्होत्रा, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित और पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भूल्लर सहित कई जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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