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रुद्रपुर एवं पिथौरागढ़ मेडिकल कॉलेजों में शैक्षणिक सत्र 2026-27 की तैयारियों में तेजी लाने के निर्देश

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प्रदेश के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री,सुबोध उनियाल,की अध्यक्षता में आज रुद्रपुर एवं पिथौरागढ़ राजकीय मेडिकल कॉलेजों में शैक्षणिक सत्र 2026-27 से शिक्षण कार्य प्रारंभ किए जाने की तैयारियों की समीक्षा की गई।समीक्षा बैठक में सचिव,चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा तथा विभागीय निदेशक (चिकित्सा शिक्षा) उपस्थित रहे।समीक्षा के दौरान दोनों मेडिकल कॉलेजों में फैकल्टी/संकाय सदस्यों की मानकों के अनुरूप व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा प्रयोगशाला उपकरण एवं फर्नीचर की आपूर्ति समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।प्रशासनिक भवन,प्रयोगशाला भवन एवं एकेडमिक भवन को सुसज्जित एवं आवश्यक सुविधाओं से युक्त किए जाने के संबंध में निर्माण एजेंसी उत्तराखण्ड पेयजल संसाधन विकास एवं निर्माण निगम को निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए।साथ ही, राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग के आगामी निरीक्षण को देखते हुए सभी आवश्यक कार्यों एवं व्यवस्थाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करने पर जोर दिया गया।बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए गए कि निर्माण एवं आपूर्ति से संबंधित कार्यों में किसी भी स्तर पर विलंब नहीं होना चाहिए।निर्माण एजेंसी के स्तर पर लंबित कार्यों की नियमित निगरानी करते हुए निर्धारित समयसीमा में कार्य पूर्ण कराया जाए,ताकि मेडिकल कॉलेजों के संचालन में किसी प्रकार की बाधा न आए।समीक्षा के दौरान विभागाध्यक्ष/निदेशक (चिकित्सा शिक्षा) को दोनों मेडिकल कॉलेजों की निर्माण इकाइयों एवं संबंधित प्राचार्यों के साथ समन्वय स्थापित कर निर्माण एवं आपूर्ति कार्यों को शीर्ष प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए।उल्लेखनीय है कि रुद्रपुर एवं पिथौरागढ़ मेडिकल कॉलेजों में शैक्षणिक सत्र 2026-27 से शिक्षण कार्य प्रारंभ किए जाने की तैयारी है।दोनों परिसरों में प्रति मेडिकल कॉलेज 100-100विद्यार्थियों के प्रवेश की व्यवस्था प्रस्तावित है।सरकार का लक्ष्य है कि सभी आवश्यक शैक्षणिक,प्रशासनिक एवं चिकित्सकीय सुविधाएं समयबद्ध रूप से पूर्ण कर विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा का बेहतर वातावरण उपलब्ध कराया जाए।
साथ मे फोटो नम्बर 20
जमाखोरी, मिलावट और कालाबाजारी खाद्य विभाग का अभियान जारी
-मुख्यमंत्री के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा विभाग सक्रिय
नैनीताल। जमाखोरी,मिलावट और कालाबाजारी के विरुद्ध जनपद नैनीताल में सघन अभियान चलाया जा रहा है।इस संबंध में जानकारी देते हुए जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए निर्देशानुसार खाद्य पदार्थों में मिलावटखोरी,मिसब्रांडिंग और मानक सामग्री से संबंधित मामलों में कड़ी कार्रवाई की जा रही है।जिलाधिकारी ने अवगत कराया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर जनपद में यह अभियान संचालित किया जा रहा है।विशेष रूप से खाद्यान्न,मिठाई,मेवे और दूध-डेयरी उत्पादों में मिलावट के विरुद्ध सख्त अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं।उन्होंने बताया कि जिन प्रतिष्ठानों में मिलावट पाई जा रही है अथवा जहाँ मिसब्रांडिंग हो रही है, वहाँ खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे केवल प्रयोगशाला तक नमूने भेजने तक सीमित न रहें,बल्कि उसका नियमित फॉलो-अप लेकर लेबोरेटरी से रिपोर्ट प्राप्त करें और उसे,उसके अंतिम अंजाम/आउटकम तक पहुँचाएं।जिलाधिकारी ने कहा कि इसी प्रकार जहाँ होल्डिंग,कालाबाजारी और ओवर रेटिंग की शिकायतें मिल रही हैं,ऐसे तत्वों के विरुद्ध भी सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।आयुक्त खाद्य संरक्षा और औषधि प्रशासन उत्तराखंड एवं जिलाधिकारी के निर्देश पर श्रीकैंचीधाम क्षेत्र के कैंची,छडा,खैरना गरमपानी के रेस्टोरेंट,किराना फल सब्जी एवं मिठाई की एक दर्जन से अधिक विक्रेताओं के खाद्य प्रतिष्ठानों का सघन निरीक्षण संयुक्त टीम द्वारा किया गया।इसके साथ ही दो विक्रेताओं से गुणवत्ता जांच हेतु संदेह के आधार पर संतरा जूस,आंवला जूस और मलाई पेड़ा के कुल 03 खाद्य नमूना जांच हेतु प्रयोगशाला भेजे जा रहे हैं और एफएसएस एक्ट 2006के प्रावधानों के अनुपालन न करने पर 02प्रतिष्ठानों को ऑनलाइन नोटिस भेजे गए ,जिनका 15दिन में अनुपालन न होने पर कोर्ट चालान की कार्यवाही की जाएगी जिसके तहत धारा 55में 2लाख रुपये के जुर्माने का प्रावधान है।वही एक प्रतिष्ठान में कालातीत खाद्य सामग्री पाए जाने पर कोर्ट चालान की कार्यवाही प्रस्तावित की जा रही है। वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी असलम खान ने बताया आगामी त्योहारों रक्षाबंधन व जन्माष्टमी को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है,निरीक्षण के दौरान प्रतिष्ठान स्वामियों को गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री को विक्रय करने,बिना बिल के खरीद न करने और स्टॉक का विवरण रखने,कालातीत खाद्य सामग्री का विक्रय एवं भंडारण न करने,अपने स्टोर का नियमित रूप से साफ सफाई और दवाओं का छिड़काव करने के विशेष निर्देश दिए।किसी भी सूरत में मिलावटी खाद्य सामग्री का विक्रय नहीं होने दिया जाएगा और ऐसा करने वालों के खिलाफ विभाग सख्त से सख्त कार्यवाही करेगा।खाद्य पदार्थों में किसी भी प्रकार की मिलावट न हो,सभी पैक्ड खाद्य पदार्थों पर निर्माण तिथि,समाप्ति तिथि एवं बैच नंबर स्पष्ट अंकित होना चाहिए।प्रतिष्ठानों में रेट लिस्ट अनिवार्य रूप से प्रदर्शित की जाए।बिल/कैश मेमो अनिवार्य रूप से ले और ग्राहकों को भी दें।दुकानों/प्रतिष्ठानों पर लाइसेंस/रजिस्ट्रेशन प्रमाण पत्र प्रदर्शित किया जाए।खाद्य पदार्थों में किसी भी प्रकार की अनियमितता/शिकायत या नमूना फेल होने पर संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्यवाही की जाएगी।संयुक्त कार्यवाही में खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन से वरिष्ठ खाद्य संरक्षा अधिकारी असलम खान,राजस्व प्रशासन से तहसीलदार भुवन चंद्र भंडारी एवं अन्य विभागीय कर्मचारी मौजूद रहे।

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