इंसाफ का फैसला: रुड़की सामूहिक दुष्कर्म मामले में 5 दोषियों को उम्रकैद, 200 CCTV कैमरों की पड़ताल से बेनकाब हुए थे दरिंदे
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हरिद्वार: वर्ष 2022 के चर्चित रुड़की सामूहिक दुष्कर्म मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए पांचों आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। इसके साथ ही कोर्ट ने सभी दोषियों पर आर्थिक जुर्माना भी लगाया है।
यह दिल दहला देने वाली घटना 24 जून 2022 की रात की है, जब ढंडेरी ख्वाजगीपुर हाईवे के पास दरिंदों ने पीड़ित मां और उनकी नाबालिग बेटी को बदहवास हालत में सड़क किनारे फेंक दिया था। सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए दोनों पीड़ितों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया और एफआईआर दर्ज कर तफ्तीश शुरू की।
शुरुआत में गहरे सदमे में होने के कारण पीड़िताएं पुलिस को ज्यादा जानकारी देने में असमर्थ थीं। हालांकि, पुलिस ने हार नहीं मानी और संभावित रास्तों की मैपिंग करते हुए 200 से अधिक सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज खंगाली। कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस को एक सफेद रंग की ऑल्टो कार और मुख्य आरोपी महक सिंह उर्फ सोनू का सुराग मिला, जिसकी मदद से वारदात में शामिल पूरी गैंग बेनकाब हो गई।
अदालत ने साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर पांचों आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
सजा पाने वाले दोषी:
- महक सिंह उर्फ सोनू: निवासी इमलीखेड़ा (थाना पिरान कलियर)
- राजीव कुमार उर्फ विक्की तोमर: निवासी बेलड़ा (थाना भोपा, मुजफ्फरनगर)
- सोनू तेजियान: निवासी साल्हापुर (थाना देवबंद, सहारनपुर)
- सुबोध कुमार: निवासी बेलहना (थाना भोपा, मुजफ्फरनगर)
- जगदीश: निवासी साल्हापुर (थाना देवबंद, सहारनपुर)
