ऋषिकेश से हेमकुंड साहिब यात्रा का पहला जत्था रवाना: राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने दी शुभकामनाएं
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गुरुवार को राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ऋषिकेश से श्री हेमकुंड साहिब यात्रा के पहले जत्थे को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस जत्थे में 47 यात्री तीन बसों से हेमकुंड साहिब के लिए रवाना हुए। राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने यात्रियों को सुरक्षित और सुखद यात्रा की शुभकामनाएं दीं।
राज्यपाल गुरमीत सिंह ने इस यात्रा को आस्था, भक्ति और विश्वास का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि 15 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित यह तीर्थस्थल तक की 18 किलोमीटर की कठिन पैदल यात्रा श्रद्धालुओं की धैर्य, साहस और आस्था की परीक्षा है। उन्होंने सिख गुरुओं के योगदान को याद करते हुए “स्वाभिमान, साहस, बलिदान, परिश्रम और सेवा” को सिख परंपरा का मूल स्तंभ बताया। उन्होंने श्रद्धालुओं से प्लास्टिक मुक्त यात्रा अपनाने और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने की अपील की।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि श्री हेमकुंड साहिब की यात्रा उत्तराखंड की धार्मिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत का अनुपम संगम है। उन्होंने बताया कि अब तक 61 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने हेमकुंड साहिब के लिए पंजीकरण कराया है, और चार धाम यात्रा के लिए 30 लाख से अधिक पंजीकरण हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार यात्रा को और सरल व सुगम बनाने के लिए प्रयासरत है। गोविंदघाट में वैली ब्रिज का निर्माण और यात्रा मार्ग में रेलवे, साइन बोर्ड, मेडिकल कैंप, पेयजल व गर्म पानी की व्यवस्थाएं की गई हैं।
इस अवसर पर एआई-संचालित चैटबॉट “इटरनल गुरु” के अपग्रेडेड वर्जन का भी प्रदर्शन किया गया। यह चैटबॉट गुरबाणी पर आधारित है और उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय द्वारा हेमकुंड साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट के सहयोग से विकसित किया गया है।
कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष श्रीमती ऋतु खंडूड़ी “भूषण”, कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, विधायक प्रेमचंद अग्रवाल, विधायक श्रीमती रेनू बिष्ट, मेयर शंभू पासवान सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। हेमकुंड साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट के अध्यक्ष नरेंद्रजीत सिंह बिंद्रा ने यात्रा की तैयारियों और सभी उपस्थित लोगों का स्वागत किया।
