जिलाधिकारी हरिद्वार से उत्तरांचल (पर्वतीय) कर्मचारी-शिक्षक संगठन की वार्ता: विभिन्न मांगों पर हुआ विचार-विमर्श
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हरिद्वार: जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट रोशनाबाद में उत्तरांचल (पर्वतीय) कर्मचारी-शिक्षक संगठन, हरिद्वार के एक प्रतिनिधिमंडल ने कर्मचारियों और शिक्षकों की विभिन्न मांगों को लेकर औपचारिक संवाद किया। संगठन ने जिलाधिकारी का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया।
वार्ता के दौरान, संगठन ने उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय के शिक्षकों एवं कर्मचारियों के नियमित वेतन भुगतान और स्थायी समाधान की मांग की। इसके अतिरिक्त, कांवड़ मेला 2025 के दौरान विभिन्न विभागों के कर्मचारियों, अधिकारियों, स्वास्थ्य कर्मियों, सुरक्षा कर्मियों और स्वयंसेवकों के लिए आधिकारिक परिचय पत्र जारी करने की बात उठाई, जिससे उन्हें आवागमन में सुविधा हो और मेला व्यवस्था सुचारु रहे।
संगठन ने कांवड़ मेले में ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों के लिए ₹50 लाख के आकस्मिक दुर्घटना बीमा की मांग की, साथ ही मेला भत्ता भी अनुमन्य करने का आग्रह किया। लघु शिवरात्रि/जलाभिषेक के दिन पूरे जनपद में कर्मचारियों के लिए अवकाश घोषित करने की भी मांग की गई।
अन्य मांगों में संगठन के साथ जिलाधिकारी की त्रैमासिक वार्ता, बहादराबाद एवं भगवानपुर टोल प्लाजा को जनपद के कर्मचारी एवं शिक्षकों के लिए निशुल्क करने, सभी कार्यालयों में सीसीटीवी कैमरे लगाने और अत्यधिक गर्मी के कारण सरकारी कार्यालयों में कूलर/एयर कंडीशनर की समुचित व्यवस्था शामिल थीं। जिलाधिकारी महोदय ने सभी बिंदुओं को ध्यान से सुना और शीघ्र ही ठोस कार्रवाई का आश्वासन दिया।
इस वार्ता में उत्तरांचल पर्वतीय कर्मचारी शिक्षक संगठन के जिलाध्यक्ष ललित मोहन जोशी, जिला महामंत्री चौधरी अनिल कुमार सहित कई अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
कोषाधिकारी से मुलाकात: पुरानी पेंशन योजना और सेवानिवृत्ति लाभों में आ रही बाधाएं
वार्ता के बाद, संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने कोषाधिकारी सत्येंद्र डबराल से भी मुलाकात की। उन्हें अवगत कराया गया कि राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान और परियोजना के तहत कार्यरत शिक्षकों की एनपीएस पासबुक कोषागार द्वारा सत्यापित न होने के कारण पुरानी पेंशन योजना के लाभ नहीं मिल पा रहे हैं। साथ ही, कुछ सेवानिवृत्त शिक्षकों को भी पेंशन और सेवानिवृत्ति लाभ लंबे समय से नहीं मिले हैं। कोषाधिकारी ने इस समस्या के समाधान में सहयोग का आश्वासन दिया।
