ओवर-रेटिंग पर नकेल: ग्राहक बनकर SDM ने किया शराब की दुकान पर छापा
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नैनीताल: उत्तराखंड के भीमताल में शराब की दुकानों पर ओवर-रेटिंग की शिकायतों के बाद, एसडीएम नवाज़िश खलिक ने स्वयं ग्राहक बनकर रियलिटी चेक किया। निरीक्षण के दौरान शिकायतें सही पाई गईं, जिसके बाद उन्होंने जिलाधिकारी और जिला आबकारी अधिकारी को रिपोर्ट भेज दी है।
भीमताल में शराब की दुकानों द्वारा अधिक दाम पर शराब बेचने की शिकायतें सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से मिल रही थीं। जिलाधिकारी वंदना सिंह ने इसका संज्ञान लेते हुए एसडीएम नैनीताल को जांच के लिए भेजा। एसडीएम नवाज़िश खलिक ने भीमताल की एक शराब की दुकान से बोतल खरीदी और ओवर-रेटिंग पर सेल्समैन से सवाल किया, जिसका वीडियो भी बनाया गया। जवाब न मिलने पर उन्होंने अपनी पहचान बताई और दुकान व लाइसेंस संबंधी दस्तावेजों की जांच की। जांच में पाया गया कि दुकान का स्टॉक रजिस्टर अपडेटेड नहीं था और स्वाइप मशीन के माध्यम से उपभोक्ताओं से अतिरिक्त शुल्क वसूला जा रहा था, जो नियमों के विरुद्ध है। एसडीएम ने संबंधित कर्मचारियों से जवाब तलब किया और पूरी रिपोर्ट भेज दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि एमआरपी से अधिक दाम वसूलना एक दंडनीय अपराध है।
यह कोई नया मामला नहीं है; उत्तराखंड में शराब की ओवर-रेटिंग आम है, जिसमें सिर्फ शराब कारोबारी ही नहीं, बल्कि आबकारी विभाग के इंस्पेक्टर भी शामिल बताए जाते हैं। ग्राहक नकद भुगतान करे और खुले पैसे न होने का बहाना हो, फिर भी ऑनलाइन भुगतान पर भी यही स्थिति है, जो ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति पर सवाल खड़े करती है। भले ही एक दुकान पकड़ में आ गई हो, लेकिन सवाल यह है कि क्या यह अन्य दुकानों में नहीं हो रहा है? आम लोग शिकायत भी करते हैं, लेकिन आबकारी इंस्पेक्टर अक्सर अनदेखी करते हैं। हल्द्वानी शहर में भी हर दुकान का यही हाल है, और आबकारी इंस्पेक्टर इस पर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। शिकायत करने पर कई बार फोन नहीं उठाया जाता, और यदि उठाया भी जाता है तो ग्राहक को ही गलत ठहराया जाता है।
भीमताल में एसडीएम नवाज़िश खलिक ने ग्राहक बनकर रियलिटी चेक कर लिया, लेकिन हल्द्वानी में ग्राहकों को रोजाना ठगा जा रहा है। अब सवाल यह है कि हल्द्वानी में इस समस्या से निपटने के लिए कौन सा कलेक्टर पहल करेगा?
