बाल आश्रय गृह का निरीक्षण: अपर जिलाधिकारी ने दिए भोजन की गुणवत्ता उच्च स्तर की रखने और समय पर स्वास्थ्य परीक्षण के निर्देश
1 min read
हल्द्वानी। जनपद नैनीताल में गठित जिला स्तरीय समिति द्वारा गुरुवार को महिला कल्याण विभाग के अंतर्गत ‘मिशन वात्सल्य’ योजना द्वारा संचालित स्वैच्छिक संस्था ‘धरोहर खुला बाल आश्रय गृह’ (लालडांठ, हल्द्वानी) का औचक निरीक्षण किया गया। इस निरीक्षण समिति की अध्यक्षता अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) विवेक राय ने की। इस आश्रय गृह में मुख्य रूप से कूड़ा बीनने एवं भिक्षावृत्ति में लिप्त बच्चों को शिक्षा और भरण-पोषण देकर समाज की मुख्य धारा से जोड़ने का कार्य किया जाता है।
निरीक्षण के दौरान संस्था में पंजीकृत कुल 32 बच्चों में से 12 बच्चे उपस्थित पाए गए। अपर जिलाधिकारी ने सभी बच्चों से आत्मीय बातचीत की और संस्था समन्वयक, बाल रोग विशेषज्ञ एवं मानसिक रोग विशेषज्ञ को निर्देश दिए कि बच्चों का समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण किया जाए। किसी भी बच्चे में गंभीर बीमारी के लक्षण मिलने पर उसे ‘राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम’ से जोड़कर निःशुल्क इलाज मुहैया कराया जाए।
इसके अतिरिक्त प्रशासन द्वारा निम्नलिखित महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए:
- बालक एवं बालिकाओं के रात्रि निवास के लिए अलग-अलग कक्षों की व्यवस्था हो और बालिकाओं की सुरक्षा के लिए महिला कार्मिक की उपस्थिति अनिवार्य हो।
- बच्चों को दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता उच्च स्तर की रखी जाए।
- रसोई और कमरों में वेंटिलेशन (हवा की आवाजाही) की उचित व्यवस्था हो तथा भोजन बनाते समय जालीदार खिड़कियां खुली रखी जाएं।
- बड़ी उम्र के बच्चों को नियमित शिक्षा से जोड़ने के लिए नियमानुसार विद्यालय में प्रवेश दिलाने की कार्यवाही की जाए।
- बच्चों के मनोरंजन और खेल-खेल में सीखने के लिए विभिन्न प्रकार के खेल उपकरणों की व्यवस्था की जाए।
निरीक्षण के दौरान बच्चों ने समिति के सदस्यों को कविताएं भी सुनाईं। इस अवसर पर जिला बाल संरक्षण अधिकारी वर्षा, विनीता पाठक, डा. महेश चन्द्र जोशी, डा. हिमांशु काण्डपाल, गायत्री दरम्वाल, हेमा कबडवाल सहित संस्था के समन्वयक प्रकाश पाण्डे, सामाजिक कार्यकर्ता पुष्पा पाण्डे, लक्ष्मी बिष्ट, प्रशिक्षक तृप्ता कनूप्रिया, रवि, कमला और आंचल (आउटरीच कार्यकर्ता) उपस्थित रहे।
