समाधान दिवस पर डीएम ने सुनी 171फरियादियों की
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विदेश में नौकरी का झांसा देकर 15 युवाओं से लाखों की ठगी, लगेगा गैंगस्टर
देहरादून। विदेशों में सुनहरे भविष्य का सपना संजोए उत्तराखंड के बेरोजगार युवाओं को जालसाजों ने अपनी ठगी का शिकार बना लिया।सोमवार को जिला मुख्यालय में आयोजित ‘समाधान दिवस’ पर तब हड़कंप मच गया,जब ऋषिकेश क्षेत्र के करीब 15पीड़ित युवा अपनी आपबीती लेकर जिलाधिकारी के पास पहुंचे।पीड़ितों का आरोप है कि एक शातिर ठग ने विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर उनसे लाखों रुपये और पासपोर्ट हड़प लिए अब पैसे वापस मांगने पर उन्हें जान से मारने की धमकी दे रहा है।मामले की संवेदनशीलता और गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने तत्काल वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से वार्ता कर जालसाज के खिलाफ गैंगस्टर जैसी सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।सोमवार को जिलाधिकारी डॉ.आशीष चौहान की अध्यक्षता में क्लेक्ट्रेट परिसर में समाधान दिवस आयोजित किया गया।दूर दराज क्षेत्रों से पहुंचे 171फरियादियों ने अपनी समस्याएं जिलाधिकारी के समक्ष रखी।जिसमें से अधिकतर शिकायतों का जिलाधिकारी ने मौके पर ही निस्तारण किया।विभागों से संबंधित शिकायतों पर संबंधित अधिकारियों को त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।इस दौरान फरियादियों ने भूमि विवाद,अवैध कब्जा,सीमांकन,अतिक्रमण,बैंक ऋण माफी ,मुआवजा,विधिक एवं आर्थिक सहायता,दैवीय आपदा में क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों के पुर्ननिर्माण से जुड़ी समस्याएं प्रमुखता से रखी।नेहरू ग्राम की निवासी संगीता देवी ने अपनी आर्थिक बदहाली बयां करते हुए बताया कि उनके पति पिछले 4वर्षों से दिव्यांग हैं।घर की माली हालत बेहद खराब है,लेकिन दिव्यांग प्रमाण पत्र न बन पाने के कारण उन्हें सरकार की ओर से मिलने वाली दिव्यांग पेंशन का लाभ भी नहीं मिल पा रहा है।संवेदनशीलता दिखाते हुए जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को आज ही उनके पति की मेडिकल जांच सुनिश्चित करने और जिला समाज कल्याण अधिकारी को एक सप्ताह के भीतर दिव्यांग पेंशन शुरू करने का सख्त अल्टीमेटम दिया।ऋण और बैंक से जुड़ी एक अन्य समस्या में अर्चना देवी ने अपनी खराब आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए बैंक ऋण के पुनर्गठन की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि बार-बार अनुरोध के बावजूद बैंक प्रशासन द्वारा उनका मानसिक उत्पीड़न किया जा रहा है और जबरन ऋण वसूली के लिए दबाव बनाया जा रहा है। जिलाधिकारी ने इस पर नाराजगी जताते हुए लीड बैंक अधिकारी को मामले की तुरंत जांच कर न्यायोचित निस्तारण के निर्देश दिए।समाधान दिवस में जनहित और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कई अन्य अहम मामले भी सामने आए,जिन पर जिलाधिकारी ने त्वरित एक्शन लिया। जिलाधिकारी ने कहा कि समाधान दिवस का उद्देश्य जनता की समस्याओं का बिना किसी देरी के निस्तारण करना है।विभागों से संबंधित मामलों में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा।विशेषकर युवाओं से ठगी और बुजुर्गों व महिलाओं के उत्पीड़न के मामलों पर प्रशासन शून्य सहनशीलता की नीति अपनाएगा।जनता दरबार में अपर जिलाधिकारी (वि.रा) के.के मिश्रा,सिटी मजिस्ट्रेट राजेश तिवारी,एसडीएम रविन्द्र ज्वांठा,एसडीएम विनोद कुमार, परियोजना निदेशक विक्रम सिंह,जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार,मुख्य शिक्षा अधिकारी वीके ढ़ौडियाल,समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर घिल्डिायाल,जिला कार्यक्रम अधिकारी जितेन्द्र कुमार,तहसीलदार सुरेन्द्र देव,तहसीलदार विवेक राजौरी सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी व वर्चुअल माध्यम से एसडीएम व अन्य अधिकारी मौजूद थे।
