अफवाहों के दौर में अखबारों पर भरोसा कायम, पत्रकारिता को बताया योग और तपस्या
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हरिद्वार में आयोजित पत्रकार सम्मेलन में प्रिंट मीडिया की प्रासंगिकता, विश्वसनीयता, पत्रकारों की सुरक्षा एवं उनके कल्याण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। सम्मेलन की अध्यक्षता मिश्री मठ के महामंडलेश्वर परम पूज्य करोली शंकर जी महाराज ने की। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पत्रकार, संपादक और गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
अध्यक्षीय संबोधन में महामंडलेश्वर कटोली शंकर जी महाराज ने कहा कि वर्तमान सोशल मीडिया के दौर में भी प्रिंट मीडिया की प्रासंगिकता और विश्वसनीयता कायम है। सोशल मीडिया पर कई बार अफवाहों और अपुष्ट सूचनाओं का दौर चलता रहता है, लेकिन समाचार पत्रों में प्रकाशित समाचारों पर आज भी आमजन का भरोसा बना हुआ है। उन्होंने पत्रकारिता को योग और तपस्या के समान बताते हुए कहा कि पत्रकार समाज को वास्तविकता से अवगत कराने और जनहित के मुद्दों को सामने लाने का महत्वपूर्ण कार्य करते हैं।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि हरिद्वार विधायक एवं उत्तराखंड सरकार में आयुष तथा आपदा प्रबंधन मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि पत्रकार विपरीत परिस्थितियों में अपनी जान जोखिम में डालकर समाचारों को जनता तक पहुंचाते हैं। उन्होंने पत्रकारों की भूमिका को लोकतंत्र के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि प्रदेश सरकार पत्रकारों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने हरिद्वार प्रेस क्लब के नए भवन की मांग को जल्द पूरा किए जाने का आश्वासन भी दिया।
महानिदेशक सूचना एवं लोक संपर्क बंशीधर तिवारी ने कहा कि भले ही आज लोग दिनभर सोशल मीडिया से जुड़े रहते हैं, लेकिन सुबह होते ही उन्हें समाचार पत्र का इंतजार रहता है। उन्होंने कहा कि प्रिंट मीडिया की विश्वसनीयता आज भी मजबूत है। सूचना विभाग छोटे और मध्यम समाचार पत्रों के हितों की रक्षा तथा उनकी समस्याओं के समाधान के लिए लगातार कार्य कर रहा है।
उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के अध्यक्ष सरदार सुरजीत सिंह गांधी ने कहा कि समाचार पत्र समाज में जागरूकता पैदा करने और लोगों को उनके अधिकारों एवं दायित्वों के प्रति सचेत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने पत्रकारिता को समाज और शासन के बीच संवाद का सशक्त माध्यम बताया।
श्री गंगा सभा के अध्यक्ष एवं ग्रामीण स्वास्थ्य सलाहकार अनुश्रवण समिति के उपाध्यक्ष नितिन गौतम ने कहा कि हरिद्वार और मां गंगा की पहचान एवं लोकप्रियता को देश-दुनिया तक पहुंचाने में समाचार पत्रों और पत्रकारों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने गंगा सभा की ओर से पत्रकारों को हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।
एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष अमित कुमार शर्मा ने स्वागत भाषण देते हुए छोटे समाचार पत्रों को लोकतंत्र की रीढ़ बताया। उन्होंने पत्रकारों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाते हुए पत्रकार पेंशन, अधिमान्यता तथा विज्ञापन नीति में आवश्यक सुधार किए जाने की मांग की। प्रेस क्लब के अध्यक्ष धर्मेंद्र चौधरी ने कहा कि छोटे समाचार पत्र सीमित संसाधनों के बावजूद स्थानीय स्तर की समस्याओं और जनहित के मुद्दों को प्रमुखता से प्रकाशित करते हैं, इसलिए उनकी समस्याओं का समाधान आवश्यक है। उन्होंने पोर्टल की दरों में कमी किए जाने की और भी ध्यान आकर्षित कराया।
सम्मेलन के दौरान पत्रकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय एवं दीर्घकालीन योगदान देने वाले 21 वरिष्ठ संपादकों को लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वाले वरिष्ठ संपादकों में बृजेन्द्र हर्ष, गुलशन नैय्यर, रामचंद कनौजिया, शैलेन्द्र सिंह, राधेश्याम विद्याकुल, कुमकुम शर्मा, निशा शर्मा, काशीराम सैनी, अवधेश शितपुरी, डॉ. प्रदीप जोशी, शिव कुमार शर्मा, श्रवण अरोड़ा, जयपाल सिंह, राजीव तुम्बड़िया, नरेश दीवान शैली, ओम गौतम फक्कड़, राजेश शर्मा, अविक्षित रमन, प्रवीण झा एवं दया जोशी शामिल रहे।
कार्यक्रम के अंत में प्रदेश महामंत्री राजकमल गोयल ने सम्मेलन में उपस्थित सभी अतिथियों, पत्रकारों, संपादकों और आयोजन से जुड़े लोगों का आभार व्यक्त किया। सम्मेलन में पत्रकारिता की वर्तमान चुनौतियों, प्रिंट मीडिया की विश्वसनीयता, पत्रकारों की सुरक्षा, कल्याणकारी योजनाओं तथा छोटे समाचार पत्रों से जुड़ी समस्याओं पर सार्थक चर्चा हुई। वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि डिजिटल और सोशल मीडिया के तेजी से बढ़ते प्रभाव के बावजूद तथ्यपरक, जिम्मेदार और विश्वसनीय पत्रकारिता के क्षेत्र में प्रिंट मीडिया की भूमिका आज भी महत्वपूर्ण और प्रासंगिक बनी हुई है।
