उत्तराखंड की विकास एवं जनकल्याणकारी पहल: सीएम धामी ने खटीमा को दी मॉडल स्कूल की सौगात, दिवाली पर कर्मचारियों को 30 दिन का बोनस
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सीएम धामी ने खटीमा में मॉडल प्राथमिक विद्यालय का किया लोकार्पण
खटीमा: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नगला तराई में मॉडल प्राथमिक विद्यालय के आधुनिकीकरण और 65.07 लाख रुपये की लागत से बने मंच व परिसर के सौंदर्यीकरण कार्यों का लोकार्पण किया। इस दौरान उन्होंने बच्चों के साथ संवाद किया, चॉकलेट व उपहार बांटे और स्टेम लैब व स्मार्ट क्लास का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में शिक्षा के स्तर को उन्नत बनाने के लिए पीएमश्री विद्यालयों, मुफ्त नोटबुक, टैबलेट और प्रतियोगी परीक्षाओं की निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग जैसी कई योजनाएं तेजी से लागू की जा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने लोहियाहेड हेलीपैड पर सुनी जनसमस्याएं

खटीमा: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लोहियाहेड हेलीपैड पर आम जनता और जनप्रतिनिधियों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने अधिकारियों को शिकायतों का समयबद्ध और प्राथमिकता के आधार पर त्वरित निस्तारण करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ‘सरलीकरण, समाधान और संतुष्टि’ के मूल मंत्र पर कार्य कर रही है, जहाँ प्रशासन की जवाबदेही सर्वोपरि है।
उत्तराखंड सरकार का बड़ा फैसला: दीपावली पर कार्मिकों को 30 दिन का तदर्थ बोनस
देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार ने दीपावली के अवसर पर वर्ष 2025-26 के लिए उत्पादकता असंबद्ध बोनस (तदर्थ बोनस) को मंजूरी दे दी है। इसके तहत राज्य के अराजपत्रित कर्मचारियों (समूह ‘ग’ व ‘घ’, और 4,800 ग्रेड वेतन तक के समूह ‘ख’ कर्मियों), कार्यप्रभारित और पात्र दैनिक वेतनभोगियों को 30 दिन की परिलब्धियों के बराबर लगभग 6,908 रुपये तक का अधिकतम बोनस मिलेगा।
देहरादून: जन समाधान दिवस में आईं 110 से अधिक शिकायतें, सुरक्षित बचपन अभियान के तहत 60 हजार छात्र जागरूक
देहरादून

- जन समाधान दिवस: अपर जिलाधिकारी स्मृता परमार और संयुक्त मजिस्ट्रेट हर्षिता सिंह की संयुक्त अध्यक्षता में आयोजित जन सुनवाई में भूमि विवाद, अवैध कब्जे और विद्युत समस्याओं से जुड़ी 110 से अधिक शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनके त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए गए।
- सुरक्षित बचपन अभियान: जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा 26 से 31 अक्टूबर तक चलाए गए अभियान के तहत न्यायिक अधिकारियों के नेतृत्व में विभिन्न विद्यालयों के लगभग 60,000 विद्यार्थियों को बाल अधिकारों, बाल संरक्षण और साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया।


