विधानसभा चुनाव 2027: कार्मिकों का डाटाबेस तैयार करने के निर्देश
हरिद्वार : आगामी विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2027 की तैयारियों के तहत जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी मयूर दीक्षित ने जनपद के समस्त सरकारी, अर्द्धसरकारी विभागों और शिक्षण संस्थानों को अधिकारियों, कर्मचारियों व शिक्षकों का अद्यतन विवरण निर्धारित प्रारूप (प्रारूप-1 एवं प्रारूप-2) में 05 नवंबर, 2026 तक अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। समयानुसार डाटा उपलब्ध न कराने वाले संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
एमएसएमई औद्योगिक सम्मेलन-2026 का आयोजन, मंत्री भरत सिंह चौधरी ने सुनी समस्याएं
भगवानपुर (हरिद्वार)
विवरण: आईआईएम रुड़की चैप्टर द्वारा आयोजित एमएसएमई औद्योगिक सम्मेलन-2026 में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री भरत सिंह चौधरी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम में भगवानपुर औद्योगिक क्षेत्र की खस्ताहाल सड़कों, बदहाल ड्रेनेज सिस्टम और अन्य बुनियादी समस्याओं को प्रमुखता से उठाया गया। कैबिनेट मंत्री ने उद्यमियों को आश्वस्त किया कि समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर प्राथमिकता के आधार पर प्रभावी कार्रवाई की जाएगी।
कुंभ मेला-2027: आईआईटी रुड़की के विशेषज्ञों ने चार निर्माणाधीन स्थायी पुलों की परखी गुणवत्ता
हरिद्वार: कुंभ मेला-2027 के मद्देनजर मेलाधिकारी श्रीमती सोनिका की पहल पर आईआईटी रुड़की के प्रोफेसर डॉ. संजय के नेतृत्व में विशेषज्ञों की टीम ने हरिद्वार में निर्माणाधीन चार बड़े स्थायी पुलों (सुखी नदी, मायापुर एस्केप चैनल, पथरी रौ नदी के दो स्थानों पर) का तकनीकी परीक्षण किया। टीम ने निर्माण कार्यों की प्रगति, मजबूती और गुणवत्ता से जुड़े तकनीकी पहलुओं का बारीकी से निरीक्षण कर सुरक्षा मानकों के अनुपालन का जायजा लिया।
गंगानहर बंदी: घाटों और हाथीपुल के मरम्मत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश
हरिद्वार: कुंभ मेला-2027 की तैयारियों के तहत अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती ने गंगानहर बंदी का लाभ उठाते हुए हरकी पैड़ी, रोड़ी बेलवाला, विष्णुघाट, कुशावर्त घाट, गौ घाट, सुभाष घाट और मालवीय द्वीप आदि पर चल रहे जीर्णोद्धार व हाथीपुल के मरम्मत कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यदायी संस्था (यूपीडीसीसी) को घाटों के जलमग्न हिस्सों की मरम्मत, सुरक्षा रेलिंग, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था और मूल स्वरूप की एकरूपता के साथ सभी कार्य समयबद्ध व गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए।