पेयजल आपूर्ति: जिला प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से 147 शिकायतों का समाधान
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मुख्यमंत्री के सुशासन एवं जनसेवा संकल्प के तहत, जिला प्रशासन पेयजल आपूर्ति से जुड़ी समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए पूरी तरह सतर्क और सक्रिय है। 14 अप्रैल से 17 जून के बीच मिली 150 शिकायतों में से 147 शिकायतों का सफलतापूर्वक समाधान कर लिया गया है।
जिलाधिकारी सविन बंसल ने पेयजल समस्याओं की नियमित निगरानी के लिए एडीएम की अध्यक्षता में एक जिला स्तरीय समिति का गठन किया है। इसके अतिरिक्त, 20 अप्रैल से पेयजल सप्लाई से जुड़े 07 विभागों के अधिकारी 24×7 जिला कंट्रोल रूम में तैनात हैं। जिलाधिकारी ने पेयजल डिविजन के अधिकारियों को ‘डे-टू-डे’ समस्या समाधान और किसी भी शिकायत को अनावश्यक लंबित न रखने के सख्त निर्देश दिए हैं। प्रशासन का लक्ष्य हर घर तक निर्बाध रूप से शुद्ध पेयजल पहुंचाना है, और मानसून सीजन में भी साफ पानी की आपूर्ति जारी रखने के निर्देश दिए गए हैं। जल स्रोतों और टैंकों की नियमित सफाई और क्लोरिनेशन सुनिश्चित किया जा रहा है।
कुछ प्रमुख समस्याओं का भी समाधान किया गया है:
* सुभाष नगर: गेल कंपनी द्वारा गैस पाइपलाइन बिछाने से क्षतिग्रस्त हुई पेयजल लाइन की मरम्मत कर जलापूर्ति बहाल की गई।
* मोनाल एन्क्लेव: यूयूएसडीए द्वारा पेयजल व सीवर लाइन बिछाने के दौरान क्षतिग्रस्त हुई पेयजल लाइन की मरम्मत कर 15 जून से आपूर्ति सुचारू कर दी गई।
* चंद्र शेखर आजाद नगर: नलकूप की मोटर खराब होने से बाधित आपूर्ति को मोटर मरम्मत कर बहाल किया गया।
* जीएमएस रोड: गेल द्वारा गैस लाइन बिछाने से बार-बार हो रही क्षति के कारण टैंकरों से आपूर्ति की गई, और अब पेयजल लाइन की मरम्मत कर आपूर्ति सुचारू है।
* पिथूवाला, पंकज विहार: एनके शर्मा की पानी न आने की शिकायत का भी समाधान किया गया है।
जिलाधिकारी के निर्देशों पर पेयजल संकट वाले क्षेत्रों में ट्यूबवेल व नलकूपों पर निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। जल संस्थान एवं जल निगम के सभी डिवीजनों में टोल-फ्री नंबर प्रचारित किए गए हैं। इसके अलावा, कंट्रोल रूम के टोल-फ्री नंबर 0135-2726066 और 1077 पर मिलने वाली शिकायतों का भी त्वरित संज्ञान लिया जा रहा है।
