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1 min readजिला कारागार रोशनाबाद में शिव महापुराण कथा का आयोजन

हरिद्वार: जिला कारागार रोशनाबाद में श्रीअखंड परशुराम अखाड़े द्वारा आयोजित श्रीशिव महापुराण कथा के आठवें दिन महामंडलेश्वर स्वामी रामेश्वरानंद सरस्वती महाराज ने भस्म की महिमा का वर्णन किया। उन्होंने बताया कि भस्म शिवजी का प्रिय पदार्थ है, जिसे धारण करने मात्र से सभी पापों का नाश हो जाता है और दोनों लोकों में आनंद मिलता है। स्वामी रामेश्वरानंद सरस्वती ने शिव पुराण का हवाला देते हुए कहा कि भस्म सभी प्रकार के शुभ फल देती है और शारीरिक व आत्मिक बल बढ़ाती है। श्रीअखंड परशुराम अखाड़े के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित अधीर कौशिक ने प्रेम भाव के साथ रहने पर जोर दिया, जबकि जेल अधीक्षक मनोज आर्य ने कारागार में सभी धर्मों के लोगों के प्रेमपूर्वक रहने को सत्संग का लाभ बताया। इस अवसर पर अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने पूजन कर कथाव्यास से आशीर्वाद प्राप्त किया।
अंबरीष कुमार विचार मंच की कार्यकारिणी घोषित

हरिद्वार: अंबरीष कुमार विचार मंच के अध्यक्ष सोम त्यागी ने प्रेस क्लब में पत्रकारवार्ता के दौरान मंच की कार्यकारिणी की घोषणा की। कार्यकारिणी के मार्गदर्शक मंडल में सोनीपत से कांग्रेस अध्यक्ष सतपाल ब्रह्मचारी, मुरली मनोहर, प्रियवंदा गुप्ता सहित कई प्रमुख हस्तियों को शामिल किया गया है। संरक्षक मंडल में अशोक टंडन, मुकुल जोशी, अमरेश देवी बालियान जैसे नाम शामिल हैं। सोम त्यागी ने बताया कि हाजी इरफान अंसारी, इसरार अहमद, सुरेंद्र गिरी, राजेंद्र भारद्वाज को उपाध्यक्ष, विजय कुमार प्रजापति, देवाशीष भट्टाचार्य, अंकित चौहान को महामंत्री, और सारिका त्यागी, मधु भाटिया, रेखा गुप्ता को महिला मंच का संयोजक नियुक्त किया गया है। मंच के अध्यक्ष सोम त्यागी ने कहा कि अंबरीष कुमार विचार मंच जनहित के मुद्दों पर संघर्ष करेगा और दबे-कुचले लोगों के लिए आवाज उठाएगा। पूर्व पार्षद इसरार अहमद ने कहा कि मंच सद्भाव बनाने और गरीब व असहाय परिवारों के लिए संघर्ष करेगा।
“जब संसार में कुछ नहीं था, तब शिव ही थे” – स्वामी कैलाशानंद गिरी

हरिद्वार: श्रीदक्षिण काली मंदिर में निरंजन पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज की विशेष शिव साधना जारी है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग ले रहे हैं। स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज ने शिव महिमा का सार समझाते हुए कहा कि शिव अनादि हैं और समस्त संसार उन्हीं से उत्पन्न होता है और उन्हीं में समाहित हो जाता है। उन्होंने बताया कि भगवान शिव जलाभिषेक से प्रसन्न होते हैं और नियमित जलाभिषेक करने से बिगड़ा भाग्य भी संवर जाता है। स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज के शिष्य स्वामी अवंतिकानंद ब्रह्मचारी महाराज ने बताया कि गुरुदेव की विशेष शिव साधना का समापन श्रावण पूर्णिमा को होगा।
