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घर के मंदिर में घुसा जहरीला ‘कॉमन करेट’ सांप, वन विभाग ने किया रेस्क्यू
हरिद्वार के कनखल में एक घर के मंदिर में कॉमन करेट प्रजाति का जहरीला सांप घुस आने से हड़कंप मच गया। बरसात के बाद वन्यजीवों के आबादी वाले इलाकों में आने की लगातार हो रही घटनाओं के बीच यह मामला सामने आया।
सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। वनकर्मी भोला ने काफी मशक्कत के बाद सांप को सुरक्षित पकड़ा और उसे बाद में जंगल में छोड़ दिया गया। रेंज अधिकारी शैलेंद्र सिंह नेगी ने लोगों से अपील की है कि ऐसे हालात में घबराएं नहीं, बल्कि तुरंत वन विभाग को सूचित करें ताकि वन्यजीवों को सुरक्षित उनके प्राकृतिक आवास में वापस भेजा जा सके। उन्होंने बताया कि बारिश में सांप अक्सर सुरक्षित जगह की तलाश में रिहायशी इलाकों में आ जाते हैं।
रामलीला में ‘अंगद-रावण संवाद’ का भावपूर्ण मंचन; भगवान राम के आदर्श राष्ट्र उन्नति की प्रेरणा: नितिन गौतम
हरिद्वार के ज्वालापुर स्थित श्रीरामलीला समिति मौहल्ला लक्कड़हारान के 119वें वार्षिकोत्सव पर रामेश्वरम पूजन, अंगद निकुंभ संवाद और रावण अंगद संवाद का भावपूर्ण मंचन किया गया। कलाकारों ने मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम के आदर्शों को जीवंत कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
मुख्य अतिथि कृष्ण कुमार ठेकेदार और अन्य गणमान्य अतिथियों ने भगवान राम और लक्ष्मण की आरती के साथ रामलीला का शुभारंभ किया। इस अवसर पर गंगा सभा के अध्यक्ष नितिन गौतम ने कहा कि भगवान राम के आदर्श हमें राष्ट्र की उन्नति और चरित्र निर्माण की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने रामलीलाओं को युवा पीढ़ी का मार्गदर्शक और समाज को सही दिशा देने वाला बताया।
समिति के अध्यक्ष राम सरदार ने कहा कि समिति भगवान राम के जीवन दर्शन को समाज के समक्ष प्रस्तुत कर रही है, क्योंकि राम के आदर्शों से ही चरित्र निर्माण होता है। मंचन के दौरान कलाकारों ने अंगद- रावण संवाद और रामेश्वर पूजन जैसे प्रसंगों का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। इस आयोजन में समिति के कई पदाधिकारियों और सैकड़ों श्रद्धालुओं ने अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और रामलीला का आनंद लिया।
असाध्य रोगी भरण पोषण पेंशन योजना लागू करने की मांग
हरिद्वार। विश्वगुरु शंकराचार्य दशनाम गोस्वामी समाज के राष्ट्रीय महासचिव प्रमोद गिरि ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कैंसर, किडनी और लिवर जैसे असाध्य रोगों से पीड़ित गरीब लोगों के लिए एक विशेष पेंशन योजना लागू करने की मांग की है।
प्रमोद गिरि ने कहा कि प्रधानमंत्री ने आयुष्मान कार्ड से निर्बल वर्ग को लाभ दिया है, लेकिन असाध्य रोगों से ग्रसित होने पर व्यक्ति के जीवनयापन में भारी कठिनाइयाँ आती हैं, जिससे परिवार कर्ज के बोझ तले दब जाता है। उन्होंने केंद्र सरकार और सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों से अपील की कि ऐसे निर्बल वर्ग के लोगों को आर्थिक मदद देने के लिए ‘असाध्य रोगी भरण पोषण पेंशन योजना’ देश भर में लागू की जाए, जिससे विशेषकर महिलाओं के सामने आने वाली पहाड़ जैसी परेशानियों को कम किया जा सके।
सनातन धर्म और ऋषि परंपराओं को आगे बढ़ाना संतों का दायित्व: स्वामी अयोध्याचार्य
हरिद्वार। जगद्गुरू रामानंदाचार्य स्वामी अयोध्याचार्य महाराज ने कहा कि सनातन धर्म संस्कृति और प्राचीन ऋषि परंपराओं को आगे बढ़ाना संत समाज का मुख्य दायित्व है।
सप्तऋषि स्थित ए.एन.डी. पब्लिक स्कूल में नवरात्रि के अवसर पर आयोजित विशेष हवन यज्ञ के समापन पर उन्होंने कहा कि वैदिक संस्कृति में यज्ञ का विशेष महत्व है। यज्ञ की अग्नि से उठने वाला धुआं नकारात्मकता को समाप्त करता है और मनुष्यों में सकारात्मक विचारों का उदय करता है, जिससे शांति और सौहार्द का वातावरण बनता है। अन्य संतों, जिनमें महंत रघुवीर दास और महंत ईश्वर दास शामिल थे, ने स्वामी अयोध्याचार्य को ऋषि परंपराओं को जीवित रखने के लिए बधाई दी और विश्वास जताया कि यज्ञ के प्रभाव से विश्व शांति का मार्ग प्रशस्त होगा।
भगवान राम ने भी की थी मां दुर्गा की आराधना: श्रीमहंत रविंद्रपुरी
हरिद्वार। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद एवं मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्रपुरी ने दुर्गा अष्टमी के अवसर पर भक्तों को आशीर्वाद देते हुए कहा कि भगवान राम ने भी रावण पर विजय प्राप्त करने के लिए रामेश्वरम में नौ दिनों तक माता दुर्गा की आराधना की थी, जिसके बाद विजयदशमी मनाई गई।
उन्होंने कहा कि नवरात्रि बुराई पर अच्छाई की जीत और शक्ति तथा सामर्थ्य की प्रतीक देवी दुर्गा के नौ रूपों की पूजा का पर्व है। श्रीमहंत ने कहा कि नवरात्रि का व्रत और उपवास करने से चेतना का जागरण होता है और काम, क्रोध, लोभ, मोह जैसे विकार नष्ट होते हैं। उन्होंने भक्तों से तन और मन से शुद्ध होकर पूर्ण विधि-विधान से आराधना करने का आग्रह किया, जिससे देवी भगवती प्रसन्न होकर उनकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण करें।
महाअष्टमी चेतना का आह्वान, नारी में आदिशक्ति का दर्शन: स्वामी चिदानन्द सरस्वती
ऋषिकेश। नवरात्रि के अवसर पर परमार्थ निकेतन में तीन दिवसीय योग गरबा रिट्रीट का आयोजन हुआ, जिसमें भारतीय और विदेशी मेहमानों ने पारंपरिक वाद्य यंत्रों और भक्ति गीतों के साथ सामूहिक नृत्य कर उत्सव मनाया।
महाअष्टमी के विशेष यज्ञ के अवसर पर स्वामी चिदानन्द सरस्वती और साध्वी भगवती सरस्वती ने विश्व शांति की प्रार्थना की। स्वामी जी ने कहा कि नवरात्रि शक्ति, भक्ति और नारी की दिव्यता के सम्मान का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि महाअष्टमी पर होने वाला कन्या पूजन केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं है, बल्कि यह नारी शक्ति के गौरव और सम्मान का प्रतीक है। कन्याओं में उस आदिशक्ति का दर्शन किया जाता है जिसने समस्त ब्रह्मांड को जन्म दिया। उन्होंने कहा कि यह उत्सव नारी की भूमिका को राष्ट्र, समाज और संस्कृति की धुरी के रूप में स्थापित करता
