July 23, 2026

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तंत्र-मंत्र, ध्यान, योग से जीवन को सार्थक दिशा – श्रीमहंत रविंद्र पुरी

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हरिद्वार, 06 नवम्बर। उत्तरी हरिद्वार स्थित प्रख्यात धार्मिक संस्था मिश्री मठ में पंचदिवसीय पूर्णिमा एवं देवभूमि रजत महोत्सव के तृतीय दिवस के उपलक्ष्य में एक भव्य संत समागम का आयोजन किया गया।

प्रमुख उद्घोष

  • अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद अध्यक्ष एवं महानिर्वाणी अखाड़ा के सचिव श्रीमहंत रविंद्र पुरी महाराज ने कहा कि तंत्र मंत्र, ध्यान, योग, साधना से मनुष्य जीवन को सार्थक दिशा मिलती है।
  • ​उन्होंने करौली शंकर महादेव महाराज के हजारों अनुयायियों को संबोधित करते हुए कहा कि इनके माध्यम से जीवन के रोग, शोक, पितृ दोष समाप्त होकर जीवन में नई ऊर्जा का संचार होता है।
  • ​उन्होंने करौली शंकर महादेव को रोग, शोक, पितृ दोष मुक्त भारत की कल्पना को साकार करने में पूर्ण मनोयोग से समर्पित तथा उच्च कोटि के साधक होने के साथ-साथ दयालुता की साक्षात् प्रतिमूर्ति बताया।

संत समागम का आयोजन

  • स्थान: उत्तरी हरिद्वार स्थित मिश्री मठ।
  • अवसर: पंचदिवसीय पूर्णिमा एवं देवभूमि रजत महोत्सव का तृतीय दिवस।
  • शुभारम्भ: अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्र पुरी महाराज, मिश्री मठ के परमाध्यक्ष करौली शंकर महादेव महाराज, महामंडलेश्वर स्वामी हरिचेतनानंद महाराज, भारत हिन्दू महासभा के अध्यक्ष स्वामी चक्रपाणि महाराज, जूना अखाड़ा के पूर्व सचिव श्रीमहंत देवानंद सरस्वती महाराज, वैष्णव अखाड़े श्रीमहंत दुर्गादास महाराज ने दीप प्रज्वलित कर किया।
  • अध्यक्षता: श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज।
  • संचालन: महामंडलेश्वर स्वामी हरिचेतनानंद महाराज।

अन्य संतों के विचार

  • भारत हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चक्रपाणि महाराज ने करौली शंकर महादेव महाराज को सनातन धर्म संस्कृति के प्रचार-प्रसार को समर्पित बताते हुए कहा कि वे अपने जप, तप से साधकों को रोग, शोक, पितृ दोष से मुक्त कर धर्म के मार्ग पर चला रहे हैं।
  • बाबा बलराम दास हठयोगी जी महाराज ने योग, मंत्र दीक्षा, ध्यान साधना के माध्यम से पितृ दोष, राष्ट्र को रोग, शोक, भ्रम, भय, नशा व ऋण से मुक्ति दिलाने के अभियान को अत्यन्त सराहनीय प्रयास बताया।
  • श्रीमहंत देवानन्द सरस्वती जी महाराज ने करौली शंकर महादेव द्वारा सेवा प्रकल्पों के माध्यम से मानवता की सच्ची सेवा की सराहना की।
  • करौली शंकर महादेव जी महाराज ने राष्ट्र को सशक्त बनाने के लिए नशा मुक्त भारत को अत्यन्त आवश्यक बताया, जिससे रोग, शोक से मुक्ति मिलेगी। उन्होंने संतों के पावन आशीर्वाद के लिए आभार व्यक्त किया।

उपस्थित गणमान्य

संत समागम में महामंडलेश्वर बाबा हठयोगी, गोविंददेव, महामंडलेश्वर स्वामी दुर्गादास, श्रीमहंत देवानंद सरस्वती, श्रीमहंत राघवेन्द्र दास, श्रीमहंत गोविंद दास, निर्मल अखाड़े के महंत जसविन्दर सिंह, महंत रामविलास दास, श्रीमहंत रघुवीर दास, महंत भगतराम, महंत प्रहलाद दास, महंत हनुमानदास, संस्था के डॉ. उमेश सचान, अनिरूद्ध भाटी, सतपाल सिंह आदि परिजनों ने संतों व गणमान्यजनों का स्वागत व अभिनन्दन किया।

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