धर्मनगरी में कड़ाके की ठंड का आगाज: कोहरे की चादर में लिपटा हरिद्वार, शीतलहर से जनजीवन बेहाल
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हरिद्वार: तीर्थनगरी हरिद्वार में पिछले कुछ दिनों से मौसम के मिजाज में भारी बदलाव देखने को मिल रहा है। दिसंबर के अंत तक आते-आते ठंड ने अपनी रफ्तार तेज कर दी है, जिससे पूरा जिला ठिठुरने पर मजबूर है। घने कोहरे और बर्फीली हवाओं (शीतलहर) ने आम जनजीवन की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है।
दृश्यता हुई शून्य, यातायात प्रभावित
सुबह और देर शाम के समय हरिद्वार-दिल्ली हाईवे और अन्य संपर्क मार्गों पर घना कोहरा छाया रहता है। कई स्थानों पर दृश्यता (Visibility) इतनी कम हो गई है कि वाहन चालकों को दिन में भी हेडलाइट्स जलाकर चलना पड़ रहा है। कोहरे के कारण लंबी दूरी की बसें और ट्रेनें भी अपने निर्धारित समय से काफी देरी से चल रही हैं, जिससे यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
मौसम विभाग का अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, आने वाले कुछ दिनों तक स्थिति ऐसी ही बनी रहने की संभावना है।
- मैदानी जिलों में अलर्ट: हरिद्वार और देहरादून समेत राज्य के मैदानी इलाकों के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया गया है।
- पहाड़ों का असर: उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में हो रही हल्की बर्फबारी और बारिश का सीधा असर हरिद्वार के तापमान पर पड़ रहा है। ठंडी उत्तरी हवाओं ने कनकनी बढ़ा दी है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह
ठंड के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय डॉक्टरों ने विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। विशेषकर बुजुर्गों और बच्चों के लिए यह मौसम चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
”अत्यधिक ठंड और कोहरे की वजह से हृदय और सांस के रोगियों की परेशानी बढ़ सकती है। ऐसे में सुबह-शाम सैर पर जाने से बचें और शरीर को पूरी तरह गर्म कपड़ों से ढक कर रखें।” – स्थानीय चिकित्सक
बचाव के मुख्य उपाय:
- बाहर निकलते समय मास्क, दस्ताने और टोपी का अनिवार्य उपयोग करें।
- गुनगुने पानी का सेवन करें और खान-पान में पौष्टिकता का ध्यान रखें।
- सांस या बीपी के मरीज अपनी दवाएं नियमित रूप से लें।
प्रशासन की तैयारी
बढ़ती ठंड को देखते हुए स्थानीय प्रशासन भी सतर्क हो गया है। शहर के मुख्य चौराहों और रैन बसेरों के बाहर अलाव की व्यवस्था की जा रही है, ताकि बेघर और जरूरतमंद लोगों को राहत मिल सके। साथ ही, कोहरे के दौरान सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस द्वारा सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
