अल्मोड़ा: “सुरक्षित दवा-सुरक्षित जीवन” अभियान के तहत मेडिकल स्टोरों पर छापेमारी
1 min readअल्मोड़ा। उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार जनपद में दवाइयों की गुणवत्ता और मानकों को सुनिश्चित करने के लिए विशेष अभियान चलाया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने द्वाराहाट क्षेत्र में औचक निरीक्षण कर मेडिकल स्टोरों में चल रही अनियमितताओं पर सख्त रुख अपनाया है।
संयुक्त टीम द्वारा औचक निरीक्षण
यह कार्रवाई जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष व जनपद न्यायाधीश श्रीकांत पाण्डेय के मार्गदर्शन में की गई। टीम में प्राधिकरण की सचिव शचि शर्मा, ड्रग इंस्पेक्टर पूजा जोशी और स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. कमलेश पाण्डे शामिल रहे। टीम ने द्वाराहाट के विभिन्न मेडिकल स्टोरों में जाकर दवाइयों के स्टॉक, एक्सपायरी डेट और लाइसेंस की सघन जांच की।
लाइसेंस निलंबन की संस्तुति और स्पष्टीकरण
निरीक्षण के दौरान कई गंभीर खामियां पाई गईं:
- 7 मेडिकल स्टोरों को अनियमितताएं मिलने पर नोटिस जारी कर 7 दिन के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
- एक मेडिकल स्टोर का लाइसेंस निलंबित करने की सिफारिश की गई है, जहाँ रेफ्रिजरेटर बंद पाया गया और अन्य नियमों का उल्लंघन हो रहा था।
जांच में मिली प्रमुख अनियमितताएं
अभियान के दौरान जन स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाली निम्नलिखित कमियां सामने आईं:
- कई दुकानों में एक्सपायरी बॉक्स नियमानुसार नहीं बनाए गए थे।
- कैश मेमो (बिल) का रखरखाव नहीं किया जा रहा था।
- CCTV रिकॉर्डिंग दिखाने में स्टोर संचालक विफल रहे।
- दवाइयों के रख-रखाव और साफ-सफाई में भारी लापरवाही मिली।
उचित रख-रखाव के सख्त निर्देश
प्रशासनिक टीम ने सभी मेडिकल स्टोर संचालकों को कड़े निर्देश दिए हैं कि वे अनिवार्य रूप से ग्राहकों को बिल उपलब्ध कराएं, एक्सपायरी दवाओं के लिए लेबल्ड बॉक्स रखें और दवाओं का भंडारण निर्धारित मानकों के अनुरूप करें। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जन स्वास्थ्य के साथ किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
