हिमालयी क्षेत्र में सुरक्षा का नया अध्याय: पिथौरागढ़ और रुद्रप्रयाग में ‘भूकंप पूर्व चेतावनी प्रणाली’ का सफल परीक्षण
1 min readमुक्ति-मोद ब्यूरो, पिथौरागढ़/रुद्रप्रयाग
भूकंप की दृष्टि से बेहद संवेदनशील ‘ज़ोन-5’ में आने वाले उत्तराखंड के लिए एक राहत भरी खबर है। केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त सहयोग से पिथौरागढ़ और रुद्रप्रयाग जिलों में अत्याधुनिक भूकंप पूर्व चेतावनी प्रणाली (Early Earthquake Warning System) का उन्नत परीक्षण अपने अंतिम और महत्वपूर्ण चरण में पहुंच गया है।
क्या है यह तकनीक?
यह सिस्टम जमीन के भीतर उठने वाली प्राथमिक तरंगों (P-Waves) को भांपकर मुख्य विनाशकारी तरंगों (S-Waves) के आने से कुछ सेकंड से लेकर एक मिनट पहले तक सायरन और मोबाइल ऐप के जरिए अलर्ट भेज देता है।
वैज्ञानिकों के अनुसार, इन दोनों जिलों में सेंसर नेटवर्क को और मजबूत किया गया है। इस तकनीक के सफल परीक्षण के बाद इसे पूरे उत्तराखंड समेत संपूर्ण हिमालयी क्षेत्र में लागू करने की योजना है, जिससे भविष्य में जान-माल के नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकेगा।
