लक्सर: राशन डीलर की दबंगई, जांच करने गई महिला अधिकारी से हाथापाई और अभद्रता
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हरिद्वार। जनपद के लक्सर क्षेत्र में सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान पर जांच करने पहुँची खाद्य पूर्ति निरीक्षक के साथ महिला राशन डीलर द्वारा हाथापाई और बदसलूकी का मामला सामने आया है। ग्रामीणों द्वारा राशन न मिलने और अवैध वसूली की शिकायतों पर हुई इस कार्रवाई के दौरान जमकर हंगामा हुआ, जिससे पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।
क्या है पूरा मामला?
लक्सर गांव की राशन डीलर सुषमा के खिलाफ ग्रामीणों ने लंबे समय से गंभीर शिकायतें दर्ज कराई थीं। आरोप था कि:
- उपभोक्ताओं को राशन देने के बजाय केवल पर्ची थमा दी जाती थी।
- रजिस्टर पर जबरन अंगूठा लगवाया जाता था।
- ई-केवाईसी के नाम पर प्रति कार्ड ₹10 की अवैध वसूली की जा रही थी।
इन शिकायतों की पुष्टि के लिए जब खाद्य पूर्ति निरीक्षक बबीता मौके पर पहुँचीं, तो राशन डीलर ने अपने समर्थकों के साथ मिलकर उन पर दबाव बनाने का प्रयास किया। देखते ही देखते बहस हाथापाई में बदल गई।
अधिकारी पर लगाए रिश्वत के आरोप
विवाद बढ़ता देख पूर्ति निरीक्षक ने दुकान को तुरंत सील कर दिया। इस बीच, खुद को घिरता देख राशन डीलर सुषमा ने निरीक्षक पर ही ₹50,000 की रिश्वत और कमीशन मांगने का आरोप जड़ दिया। पूर्ति निरीक्षक ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे कार्रवाई से बचने का एक ‘हथकंडा’ बताया है।
प्रशासनिक कार्रवाई की तैयारी
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी डीलर के पास मिर्जापुर शादात के अलावा लक्सर, बसेड़ी और सैठपुर जैसे कई गांवों की दुकानों का जिम्मा (अटैचमेंट) है।
”ग्रामीणों को राशन न देकर केवल कागज पर खानापूर्ति की जा रही थी। हाथापाई और सरकारी कार्य में बाधा डालने की विस्तृत रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जा रही है। दोषी के विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।”
— बबीता, खाद्य पूर्ति निरीक्षक
फिलहाल, घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद ग्रामीणों में भारी रोष है और राशन डीलर का लाइसेंस निरस्त करने की मांग तेज हो गई है।
