उत्तराखंड देहरादून समाचार: देहरादून जनपद में आज की ताजा खबरें
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विधवा महिला से बैंक की अवैध वसूली पर प्रशासन का कड़ा प्रहार
देहरादून: जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देश पर जिला प्रशासन ने एक विधवा महिला को बैंक के उत्पीड़न से मुक्ति दिलाई। नवाबगढ़ निवासी ज्योति के पति की मृत्यु के बाद बीमा कंपनी द्वारा ऋण (14.61 लाख रुपये) चुका दिए जाने के बावजूद बैंक 2 लाख रुपये की अतिरिक्त वसूली के लिए परिवार को प्रताड़ित कर रहा था। उपजिलाधिकारी कुमकुम जोशी ने मामले की जांच कर बैंक से ही शेष धनराशि की वसूली कराई और बैंक को तत्काल ‘नो ड्यूज सर्टिफिकेट’ व मूल दस्तावेज वापस करने के आदेश दिए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि किसी भी वित्तीय संस्था द्वारा जनता का शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
लाखामंडल में ‘जन-जन के द्वार पहुँची सरकार’ शिविर का आयोजन

चकराता: प्रदेश सरकार के अभियान के तहत लाखामंडल में एक बहुउद्देशीय शिविर का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता संयुक्त मजिस्ट्रेट डॉ. हर्षिता सिंह ने की। शिविर में 1844 लाभार्थियों को विभिन्न सरकारी सेवाओं का लाभ मिला और 37 शिकायतों में से अधिकांश का मौके पर ही निस्तारण किया गया। इस दौरान ग्रामीणों को तहसील के चक्कर काटे बिना ही जरूरी प्रमाण पत्र निर्गत किए गए। शिविर में सड़क, स्वास्थ्य और ग्राम्य विकास से जुड़ी समस्याओं पर विशेष ध्यान दिया गया।
आभा आईडी (ABHA ID) से दून अस्पताल में पंजीकरण हुआ आसान

देहरादून: आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में डिजिटल ‘आभा आईडी’ प्रणाली मील का पत्थर साबित हो रही है। अब मरीज घर बैठे ऑनलाइन पंजीकरण कर पा रहे हैं, जिससे अस्पताल की लंबी कतारों से मुक्ति मिली है। पिछले एक माह में लगभग 60 से 70 प्रतिशत पंजीकरण आभा आईडी के जरिए हुए हैं। मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. रविंद्र सिंह बिष्ट ने बताया कि इससे न केवल समय की बचत हो रही है, बल्कि मरीजों का मेडिकल रिकॉर्ड भी डिजिटल रूप में सुरक्षित हो रहा है।
विस्थापित परिवार को 15 साल बाद मिला अपनी जमीन पर कब्जा

विकासनगर: जिला प्रशासन ने भू-माफियाओं के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करते हुए टिहरी बांध परियोजना के एक विस्थापित परिवार को उनकी आवंटित भूमि पर कब्जा दिलाया। ग्राम अटक फार्म में सुमेरचंद और उनके परिवार की जमीन पर पिछले 15 वर्षों से अवैध कब्जा कर गन्ने की खेती की जा रही थी। जिलाधिकारी के निर्देश पर राजस्व टीम ने स्थलीय निरीक्षण कर अवैध निर्माण को हटवाया और पीड़ित परिवार को उनके भूखंड संख्या-29 का वास्तविक कब्जा सौंपा। लाभार्थी परिवार ने प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई हेतु मुख्यमंत्री और जिलाधिकारी का आभार व्यक्त किया।
