विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर इएमए का जागरूकता कार्यक्रम और संगोष्ठी
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हरिद्वार में विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने बालाजी इंस्टीट्यूट ऑफ अल्टरनेटिव मेडिकल साइंस एंड रिसर्च हॉस्पिटल में एक जागरूकता कार्यक्रम और संगोष्ठी का आयोजन किया ।
इस अवसर पर आईएमए के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. केपीएस चौहान ने तम्बाकू और धूम्रपान के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले हानिकारक प्रभावों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि तम्बाकू के सेवन से पाचन तंत्र का कैंसर, जीईआरडी, एचालसिया कार्डिया, तंत्रिका संबंधी रोग, दिल की बीमारी, फेफड़े के रोग, मधुमेह, सीओपीडी, तपेदिक और नेत्र रोग जैसी कई घातक बीमारियां हो सकती हैं, इसलिए इनसे बचना चाहिए।
डॉ. चौहान ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और इरिडोलॉजी (आईरिस एनालिसिस) के चिकित्सा क्षेत्र और रोग निदान में महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने बताया कि इस तकनीक से आंख के आईरिस पार्ट की जांच करके शरीर में उत्पन्न होने वाले, वर्तमान में मौजूद, और पहले से व्याप्त हो चुके रोगों का पूर्वानुमान लगाया जा सकता है। इससे माता-पिता से संतान में होने वाली आनुवंशिक बीमारियों का भी पता चलता है। उन्होंने उदाहरण देकर बताया कि कैसे इस तकनीक से भविष्य में होने वाले रोगों का पता चला, लेकिन मरीजों द्वारा ध्यान न देने पर उन्हें बीमारी का सामना करना पड़ा।
संगोष्ठी में डॉ. ऋचा आर्या ने बताया कि इस तकनीकी जांच से शरीर पर कोई दुष्प्रभाव नहीं होता है। डॉ. वीएल अलखानिया ने इलेक्ट्रोहोम्योपैथी की एडवांस स्पेजरिक मेडिसिन का उल्लेख करते हुए कहा कि इसका भी शरीर पर कोई दुष्प्रभाव नहीं होता है। इस कार्यक्रम में डॉ. सुनील अग्रवाल, अमरपाल सिंह, ब्रजभूषण, सुरेंद्र कुमार, संजय मेहता, आदेश शर्मा, अर्सलान, चांद उस्मान, गुलाम साबिर, विनीत सहगल, लक्ष्मी, रुद्राक्षी, हीना कुशवाहा सहित कई अन्य लोग उपस्थित थे।
