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रुद्राभिषेक के दौरान माता पार्वती का भी ध्यान करें- आचार्य कैलाशानंद गिरी
हरिद्वार: निरंजन पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज ने श्री दक्षिण काली मंदिर में आयोजित विशेष शिव आराधना के दौरान श्रद्धालुओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि सावन में भगवान शिव की आराधना से करोड़ों गुना पुण्य फल मिलता है। स्वामी कैलाशानंद गिरी ने रुद्रभिषेक के दौरान माता पार्वती का भी ध्यान करने की सलाह दी, जिससे शिव और शक्ति दोनों का आशीर्वाद प्राप्त हो और परिवार में सुख-समृद्धि आए। उनके शिष्य स्वामी अवंतिका नंद ब्रह्मचारी ने बताया कि गुरुदेव प्रतिदिन कई सौ लीटर गंगाजल से भगवान शिव का अभिषेक करते हैं और विभिन्न प्रजाति के फूलों से शिवलिंग का श्रृंगार किया जाता है।
स्कूलों में भागवतगीता पढ़ाए जाने के मुख्यमंत्री के निर्णय का अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष ने किया स्वागत
हरिद्वार: अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद एवं मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सभी स्कूलों में भगवद् गीता का पाठ और गीता पढ़ाए जाने के निर्णय का स्वागत किया है। उन्होंने इस निर्णय को छात्रों में संस्कारों के विकास और सनातन धर्म संस्कृति के संरक्षण-संवर्धन के लिए महत्वपूर्ण बताया। श्रीमहंत रविंद्रपुरी महाराज ने चरण पादुका मंदिर में आयोजित कांवड़ सेवा शिविर में एचआरडीए सचिव मनीष सिंह और कांवड़ लेने आए शिवभक्तों को भगवद् गीता भेंट की। निरंजनी अखाड़े के सचिव श्रीमहंत रामरतन गिरी ने भी इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि कांवड़ मेले के दौरान सभी कांवड़ियों को भगवद् गीता का वितरण किया जाएगा।
स्वामी चिदानंद सरस्वती जी महाराज ने हरेला पर्व पर देशवासियों को दी बधाई
ऋषिकेश: परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने उत्तराखंड के लोकपर्व हरेला की देशवासियों को शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि हरेला पर्व हरियाली और नई फसल के आगमन का प्रतीक है, जो उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत, पर्यावरणीय चेतना और प्रकृति प्रेम का अनुपम महोत्सव है। स्वामी जी ने हरेला को मातृभूमि और धरती माता के प्रति सम्मान का पर्व बताया और युवा पीढ़ी को प्रकृति से जुड़ने का संदेश दिया। उन्होंने शिक्षिकाओं और मातृशक्ति को पौधे भेंट कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया और सभी को “एक पौधा माँ के नाम और एक पौधा धरती माँ के नाम” रोपित करने का संकल्प कराया। उन्होंने हरेला पर्व को पर्यावरण जागरूकता का आंदोलन बनाने का आह्वान किया।
