July 23, 2026

Mukti Mod News

सच की रहा पर सबसे आगे

ताजा खबरें : हरिद्वार जनपद मे 23/12/2025की ताजा खबरें, यहां देखें

1 min read
Listen to this article


आकाश एजुकेशनल लिमिटेड ने इंडियन आर्मी और सीआरपीएफ के साथ एमओयू
आर्मी और सीआरपीएफ कर्मियों के बच्चों को मिलेगी विशेष छूट

हरिद्वार:  आकाश एजुकेशनल सर्विसेज लिमिटेड ने भारतीय सेना के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं।जिसके तहत वर्तमान में सेना में सेवा दे रहे सैनिक,सेवानिवृत्त सैनिक, गैलेंट्री पुरस्कार विजेता,दिव्यांग सैनिक तथा ड्यूटी के दौरान शहीद हुए सैनिकों के परिवारों को विशेष छूट मिलेगी। एईएसएल के देशभर में स्थित सभी केंद्रों और शाखाओं में प्रवेश लेने वाले भारतीय सेना के विद्यार्थियों को इसका लाभ मिलेगा। भारतीय सेना के कर्नल सेरेमोनियल एंड वेलफेयर 3 एवं 4और एईएसएल के चीफ़ एकेडमिक एंड बिज़नेस हेड दिल्ली एनसीआर डा.यशपाल ने समझौते पर हस्ताक्षर किए।जानकारी देते हुए हरिद्वार स्थित आकाश एजुकेशनल इंस्टिटयूट के बिजनेस मैनेजर भगवंत सिंह ने बताया कि इंडियन आर्मी और सीआरपीएफ के साथ हुए एमओयू के तहत एईएसएल के सभी केद्रो पर आर्मी और सीआरपीएफ के सेवारत और सेवानिवृत्त जवानों के बच्चों को कोचिंग फीस मंे 20फीसदी छूट दी जाएगी।डयूटी के दौरान शहीद हुए सैनिकों के बच्चों को सभी फीस में सौ फीसदी छूट दी जाएगी। 20फीसदी से अधिक दिव्यांग कर्मियों और वीरता पुरूस्कार प्राप्त सैनिकों के बच्चों को टयूशन फीस मे सौ फीसदी छूट का लाभ मिलेगा।भारतीय सेना के कर्मियों के बच्चों को व्यापक मेंटरिंग और काउंसलिंग सहायता भी प्रदान की जाएगी।यह सहायता शैक्षणिक और करियर से जुड़ी सभी शंकाओं के समाधान के लिए वर्चुअल और फिज़िकल दोनों माध्यमों से उपलब्ध होगी।उन्हांेने बताया कि एईएसएल की पहले से चल रही सभी स्कॉलरशिप योजनाएं भी जारी रहेंगी।जिनका लाभ प्रवेश लेने वाले सभी विद्यार्थियों को मिलता है।इस दौरान राहुल कुमार मिश्रा,शिवनाथ कुमार,हेमंत कुमार,भारत चंदवानी भी मौजूद रहे।

जाट महासभा ने किया पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह को नमन

ग्रामीण भारत की आवाज और किसानों के मसीहा थे चौधरी चरणसिंह-देवपाल सिह राठी

हरिद्वार। भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की 123वीं जयंती पर जाट महासभा पंचपुरी ने भेल सेक्टर-1 स्थित आर्य समाज मंदिर में यज्ञ का आयोजन कर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हे नमन किया।जाट महासभा पंचपुरी हरिद्वार के अध्यक्ष चौधरी देवपाल सिंह राठी ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह ग्रामीण भारत की आवाज और किसानों के मसीहा थे। उनका पूरा जीवन ग्रामीण उत्थान और सादगी को समर्पित रहा।भूमि सुधारों व ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मज़बूत करने के लिए वे कई महत्वपूर्ण कानून लाए।भूमि सुधारों के लिए काम किया और जमींदारी उन्मूलन और जोत अधिनियम लागू किए।चौधरी चरण सिंह ने महात्मा गांधी से प्रेरित होकर आजादी के आंदोलन में भी भाग लिया और कई बार जेल गए।देवेन्द्र कुंडू ने बताया कि चौधरी चरण सिंह ने हमेशा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को प्राथमिकता दी।उन्होंने वित्त मंत्री के रूप में ग्रामीण विकास के लिए नाबार्ड की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। एडवोकेट वरुण बालियान ने कहा कि सादगी,ईमानदारी और ग्रामीण परिवेश के प्रति गहरा लगाव चौधरी चरण सिंह के जीवन का मूल मंत्र था।इस अवसर पर नरेन्द्र सिंह तेवतिया, चंद्रपाल सिंह,आईपीएस तोमर, शैलेन्द्र पुनिया,रविंद्र चौधरी,साक्ष्य चाहर,मांगेराम पंवार,अनंगपाल सिंह,हरपाल सिंह,जसवीर सिंह,अनुज मलिक,राजीव मलिक,सीता राम,जसवंत सिंह,रकम सिंह,केपी तोमर,राम मेहर,हरि सिंह,सुखपाल सिंह,मोहर सिंह,लोकेंद्र कुमारराजवीर सिंह पंवार ,नरेन्द्र देशवाल,महक सिंह,सतीश चौधरी एडवोकेट,सिकंदर सिंह,ऋषिपाल सिंह,रणबीर सिंह, अशोक हुड्डा,हरबीर सिंह,निरंकार सिंह राठी,कालीचरण वर्मा,मनबीर सिंह सिरोही,मयंक सिरोही ,योगेंद्रपाल सिंह राणा,जितेन्द्र राठी,देवेन्द्र कुंडू सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।


व्यापारियों ने की ज्वालापुर को पुनः कुंभ क्षेत्र में शामिल करने की मांग

हरिद्वार:   शहर व्यापार मंडल ज्वालापुर ने सिटी मजिस्ट्रेट के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित कर ज्वालापुर को पुनः कुंभ क्षेत्र मंे शामिल करने की मांग की है। मुख्यमंत्री को प्रेषित पत्र में व्यापार मंडल अध्यक्ष विपिन गुप्ता ने कहा कि उपनगरी ज्वालापुर सांस्कृतिक, धार्मिक तथा सामाजिक दृष्टि से हमेशा कुंभ परंपरा का अभिन्न अंग रहा है। लेकिन खेद का विषय है कि शासन द्वारा सदियों से चली आ रही इस परंपरा में परिवर्तन करते हुए हरकी पैड़ी से मात्र 6 किलोमीटर दूर ज्वालापुर के विस्तृत क्षेत्र को कुंभ मेला क्षेत्र से बाहर कर दिया गया है। जबकि हरकी पैड़ी से 50से 60किलोमीटर दूर स्थित देवप्रयाग को कुंभ क्षेत्र में सम्मिलित किया गया है।यह निर्णय न केवल परंपराओं के विरुद्ध है,बल्कि ज्वालापुर की आध्यात्मिक ,सांस्कृतिक और ऐतिहासिक भूमिका की अनदेखी भी प्रतीत होता है।सरकार के इस निर्णय से ज्वालापुर के नागरिक आहत हैं। स्थानीय लोगों की भावनाओं का सम्मान करते हुए ज्वालापुर के संपूर्ण क्षेत्र को तत्काल प्रभाव से पुनःकुंभ मेला क्षेत्र में शामिल किया जाए। महामंत्री विक्की तनेजा ने कहा कि युगों-युगों से सभी अखाड़ों की पारंपरिक पेशवाई ज्वालापुर से ही प्रारम्भ होती आई हैं।इसके प्रामाणिक प्रमाण भी सरकारी अभिलेखों में उपलब्ध हैं। ऐेसे ज्वालापुर को कुंभ क्षेत्र से बाहर करना न्यायोचित नहीं है।पत्र प्रेषित करने वालों में ओम पाहवा,संजय विरमानी,पवन विरमानी,गौरव गोयल,आशीष मित्तल,रोहित कपूर,प्रेम अरोड़ा,नारायण आहूजा,शेखर सतीजा,मनीष धमीजा,निर्दाेष अरोड़ा,सचिन अरोड़ा,अमित पाहवा,सागर गुप्ता,हेमंत रावल,रोहित कपूर,तुषार गाबा आदि शामिल रहे।

About Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *