ट्रेन डकैती का आरोपी फिर चढ़ा पुलिस के हत्थे, मोबाइल चोरी और बैंक फ्रॉड गैंग का खुलासा”
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हरिद्वार जीआरपी ने ट्रेनों में मोबाइल चोरी करने वाले एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो न केवल फोन चुराता था, बल्कि तकनीक का इस्तेमाल कर लोगों के बैंक खातों में भी सेंध लगाता था। पुलिस ने इस मामले में तीन शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
इस पूरे घटनाक्रम की मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:
अपराध करने का तरीका (Modus Operandi)
यह गिरोह बड़ी चालाकी से काम करता था और काम को आपस में बांट रखा था:
- चोरी: बलदेव सिंह रावत और अंश शर्मा ट्रेनों में मोबाइल छीनने और चोरी करने का काम करते थे।
- तकनीकी सेंधमारी: तीसरा साथी, दीपक सेमवाल, मोबाइल का लॉक तोड़ने और नया यूपीआई (UPI) पिन बनाने का विशेषज्ञ था।
- निकासी: नया पिन बनते ही ये लोग एटीएम और यूपीआई के जरिए खाते से पैसे साफ कर देते थे।
- बिक्री: पैसे निकालने के बाद ये मोबाइल को मात्र 1000 से 1500 रुपये में राह चलते लोगों को बेच दिया करते थे।
पकड़े गए आरोपियों का विवरण
नाम
निवासी
भूमिका
बलदेव सिंह रावत
टिहरी गढ़वाल, उत्तराखंड
मोबाइल चोरी (पूर्व में डकैती में शामिल)
अंश शर्मा
मुरादाबाद, उत्तर प्रदेश
मोबाइल चोरी
दीपक सेमवाल
टिहरी गढ़वाल, उत्तराखंड
मोबाइल लॉक तोड़ना
कैसे पकड़े गए शातिर?
- सीसीटीवी फुटेज: 25 जनवरी को हुई एक चोरी के बाद आरोपियों ने देहरादून के राजपुर रोड स्थित एक एटीएम से पैसे निकाले। एटीएम की फुटेज में इनके धुंधले चेहरे कैद हो गए।
- पुरानी हिस्ट्री: पुलिस ने पहचान की कि ये चेहरे उन अपराधियों के हैं जो पहले भी जीआरपी हरिद्वार से जेल जा चुके हैं।
- बरामदगी: पुलिस ने दीपक सेमवाल के घर से चोरी किया हुआ आईफोन (iPhone) और एयरपॉड (AirPod) बरामद किया है।
