जल ही जीवन है: विश्व जल दिवस पर स्वामी चिदानन्द सरस्वती का आह्वान
1 min readऋषिकेश। विश्व जल दिवस के अवसर पर परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने जल संरक्षण को वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताया। उन्होंने ऋषिकेश में संदेश देते हुए कहा कि नदियाँ केवल जलधाराएं नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का जीवंत प्रतीक हैं।
मुख्य बिंदु:
- अमृत है जल: स्वामी जी ने कहा कि “जल है तो कल है” और पानी की हर बूंद अमृत के समान अनमोल है।
- व्यक्तिगत जिम्मेदारी: उन्होंने जोर दिया कि जल संरक्षण केवल सरकारों का काम नहीं, बल्कि हर नागरिक का कर्तव्य है।
- समाधान: वर्षा जल संचयन (Rainwater Harvesting) को अपनाने और घरों में नलों को अनावश्यक खुला न छोड़ने की अपील की गई।
