धरती हमें धैय,संघर्षशीलता और जड़ों से जुडे रहने की प्रेरणा देती है-मुख्य सचिव आनंद बर्द्वन
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शिवा फेस्ट 2026 का भव्य आगाज़ रचनात्मकता,ऊर्जा और सांस्कतिक विविधता से सराबोर
देहरादन: शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिगं में आयोजित वार्षिक सांस्कृतिक महोत्सव “शिवा फेस्ट2026” का प्रथम दिवस अत्यंत भव्यता,उत्साह और रचनात्मक ऊर्जा के साथ संपन्न हुआ।सुबह से ही परिसर में उत्सव का उल्लास देखने को मिला,जहां छात्रों की सक्रिय भागीदारी और उमंग ने कार्यक्रम को जीवंत बना दिया।प्रथम दिवस पर विविध प्रतियोगिताओं एवं गतिविधियों की एक विस्ततृ श्रंृखला आयोजित की गई। जिनमें बेस्ट आउट ऑफ वेस्ट, क्लिप मेकिंग,जेंगा,नेक्स्ट जेनरेशन क्रिएटर्स,ट्रेजर हंट,ऑन-द-स्पॉट पेंटिगं,ताल संग्राम,नक्कुड़ नाटक, पोस्टर मेकिंग,म्यज़िूकल चेयर्स एवं ओपन माइक प्रमखु रहीं। इन सभी प्रतियोगिताओं में विभिन्न विश्वविद्यालयों एवं कॉलेजों के छात्रों नेउत्साहपर्वूकर्व भाग लिया।प्रतिभागी संस्थानों में उत्तराखंड यनिवर्सिटी,डॉल्फिन (पीजी)इंस्टीट्यटू,जिज्ञासा यनिूवर्सिटी,डीबीइस करनपरु, डीएवी,डीबीआईटी एवं मायादेवी यनिूवर्सिटी सहित अन्य प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान शामिल रहे। विशेष रूप से नक्कुड़ नाटक ने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया,जिसमें छात्रों ने मानसिक स्वास्थ्य,यवाओु पर बढ़ते दबाव, वैवाहिक उत्पीड़न,भ्रष्टाचार एवं ट्रांसजेंडर अधिकारों जेसै महत्वपर्णू सामाजिक विषयों पर प्रभावशाली प्रस्ततिुयां दीं।इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उत्तराखंड के मख्यु सचिव आनंद बर्धन एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में एसपी ग्रामीण, पंकज गैरोला ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।निर्णायक मंडल में तपस चक्रवर्ती एवंश्रीमती रूपा चक्रवर्ती उपस्थित रहे।अतिथियों के आगमन पर संस्थान के उपाध्यक्ष अजय कुमार ने उनका गर्मजोशी से स्वागत एवं अभिनंदन करते हुए सम्मानित किया। इस अवसर पर निदेशक प्रो.(डॉ.) टी.एस.सिद्धू एवं अन्य संकाय सदस्यों की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ाया। कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्य अतिथि मुख्य सचिव आनंद बर्धन ,शिवालिक कॉलेजके उपाध्यक्ष अजय कुमार एवं डायरेक्टर प्रो.(डॉ) टी.एस.सिद्धू ने दीप प्रज्वलित के साथ किया,उन्हें सम्मान स्वरूप पहाड़ी टोपी,शॉल एवं स्मतिृ चिन्ह भेंट कर उनका अभिनंदन किया गया।इस मौके पर मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने कहा कि शिवा फेस्ट आध्यात्म,संस्कृति और शिक्षा का अद्भतु संगम है।आज के समय में,जब ध्यान भटकाने वाले अनेक आकर्षण हैं,तब स्वयं को केंद्रित और शांत बनाए रखना एक विशषे शक्ति बन जाता है। यह धरती हमें धैय,संघर्षशीलता और जड़ों से जुडे रहने की प्रेरणा देती है। आप युवा ही इस परिवर्तन के प्रमखु प्रेरक हैं।उन्होंने अपने संबोधन का समापन इस विचार के साथ किया कि जीवन की यात्रा में स्वयं को मजबूत,शांत और शिव के समान बनने का प्रयास करें।इस अवसर पर उपाध्यक्ष अजय कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि इस प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रम न केवल मन को आकर्षित करते हैं, बल्कि नवाचार एवं समन्वय की भावना को भी विकसित करते हैं। शिवा फेस्ट अपनी सीमाओं को तोड़ने और गरिमा के साथ उत्सव मनाने का प्रतीक है। विद्यार्थियों के सभी प्रयासों की सराहना करते हुए उन्हें निरंतर नवाचार एवं तकनीकी उन्नति के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया गया। ऐसे आयोजन विद्यार्थियों र्थि को अपने भीतर छिपी संभावनाओं को पहचानने और उन्हें निखारने का अवसर प्रदान करते हैं।वहीं,निदेशक प्रो.(डॉ.)टी.एस. सिद्धू ने अपने उद्बोधन में विद्यार्थियों को सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के महत्व पर बल देते हुए कहा कि रचनात्मक ऊर्जा को सही दिशा में प्रवाहित करना एक सशक्त व्यक्तित्व और उत्कृष्ट नेतत्वृ क्षमता के निर्माण में महत्वपर्णू भमिूका निभाता है। इसी के साथ निदेशक सिद्धू ने शिवालिक के एनएएसी मान्यता एवं एनबीए मान्यता के बारे में सभी को अवगत कराया। सांस्कृतिक प्रस्ततिुयों ने कार्यक्रम में विशषे आकर्षण जोड़ा। एकल एवं समहू नत्यृ,शास्त्रीय एवं आधनिुक प्रस्ततिुयों के माध्यम से छात्रों ने भारतीय संस्कृति की विविधता को मंच पर जीवंत कर दिया।प्रस्ततिुयों में राजस्थानी,हिमाचली,पंजाबी,दक्षिण भारतीय एवं बॉलीवडु शैली की झलक देखने को मिली। इसके अतिरिक्त कॉमेडी समहू प्रस्ततिु ने दर्शकों को खबू हंसाया और कार्यक्रम में मनोरंजन का विशषे रंग भरा।“शिवा फेस्ट 2026”का प्रथम दिवस न केवल मनोरंजन और उत्सव का माध्यम बना,बल्कि छात्रों के लिए अपनी प्रतिभा को अभिव्यक्त करने, आत्मविश्वास बढ़ानेएवं सांस्कृतिक जड़ों से जड़ुने का एक सशक्त मंच भी सिद्ध हुआ।
