ऋषिकुल ढाबे पर मिले लापता मानसिक रूप से अस्वस्थ अमित, पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
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हरिद्वार: ऋषिकुल मैदान के समीप स्थित ऋषिकुल ढाबे पर आज एक मानसिक रूप से अस्वस्थ युवक लावारिस हालत में मिला, जिसे ढाबे के मालिक ने मानवीयता दिखाते हुए उसके परिजनों से मिलाया। युवक दो दिनों से अपने घर रुड़की से लापता था, और उसके परिवार वाले, जिनमें उसका भाई जो कि एक पुलिसकर्मी है, उसे लगातार ढूंढ रहे थे। इस घटना ने एक बार फिर पुलिस की गश्त और लापता व्यक्तियों की तलाश में लापरवाही पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
आज दोपहर ऋषिकुल ढाबे पर एक युवक बिना चप्पल के घूमता हुआ देखा गया। ढाबे के मालिक ने उससे पूछताछ की तो उसने अपना नाम अमित बताया और रुड़की का निवासी होने की जानकारी दी। पूछताछ के दौरान ढाबे के मालिक को यह आभास हुआ कि अमित की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। अमित ने बताया कि वह दो दिनों से घर से लापता है।
ढाबे के मालिक की सूझबूझ से अमित ने अपने भाई का मोबाइल नंबर बताया। ढाबे के मालिक ने तुरंत उस नंबर पर संपर्क किया। फोन उठाने वाले व्यक्ति ने बताया कि वह अमित का भाई है और पुलिस विभाग में कार्यरत है। उसने यह भी बताया कि वे कल से अमित को ढूंढ रहे थे और उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी।
सूचना मिलने के लगभग एक घंटे बाद अमित का भाई ऋषिकुल ढाबे पर पहुंचा और अपने भाई अमित को अपने साथ ले गया। इस दौरान ढाबे के मालिक ने पुलिसकर्मी अमित के भाई से पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि ऋषिकुल मैदान जैसे महत्वपूर्ण स्थान पर पुलिस की ऐसी लापरवाही चिंतनीय है। उन्होंने कहा कि जब अमित जैसे लोग खुलेआम बिना किसी रोक-टोक के घूम रहे हैं, तो पुलिस की गश्त और निगरानी व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न लगता है।
यह घटना दर्शाती है कि समाज के प्रति पुलिस की जवाबदेही और लापता व्यक्तियों की तलाश में संवेदनशीलता कितनी महत्वपूर्ण है। ऋषिकुल मैदान के पास हुई इस घटना ने स्थानीय लोगों को भी पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर विचार करने पर मजबूर कर दिया है।
